फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रोज की पिटाई से था आजिज, मार दी गोली

Wed, 22 Mar 2017 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
विज्ञापन
सौरभ की हत्या के आरोपी। - फोटो : Amar Ujala/File Photo
विज्ञापन
एसएसपी आवास के पास छात्रनेता सौरभ पांडेय की हत्या कर सनसनी फैलाने वाले आरोपियों को कैंट पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लेकर कत्ल में इस्तेमाल पिस्टल और तमंचा बरामद कर लिया है। हत्या की वजह विक्की ने जो बताई है वह चौंकाने वाली है। विक्की के मुताबिक रोज-रोज के अपमान से आजिज होकर उसने सौरभ की हत्या की। उसे लग रहा था कि यदि वह सौरभ को नहीं मारेगा तो वो उसकी जान ले लेगा।
विज्ञापन


सौरभ की हत्या का मुख्य अभियुक्त विक्की ने दोस्ती की बात कबूल करते हुए बताया कि अक्सर हम लोग साथ में ही शराब पीते थे। नशे के दौरान सौरभ ने कई बार मुझे मारा पीटा। सुबह होश में आने के बाद फिर हम लोग फिर एक हो जाते थे। करीब दो महीने पहले सूरजकुंड में कई दोस्त जुटे थे। पीने खाने के दौरान ही कहासुनी और फिर मारपीट हो गई। इस बार सौरभ ने पिस्टल निकालकर मेरे ऊपर गोली चला दी थी। संयोग ठीक था कि गोली मिस हो गई। उस दिन पिटाई में बुरी तरह से घायल हो गया था। किसी तरह से वहां से निकाला फिर अपने मामा के लड़के को बुलाकर घर गया था। इसके बाद वैभव सिंह व अन्य साथी सौरभ को जान से मारने की ठान लिए थे। कैंट इंस्पेक्टर ओम हरि वाजपेयी ने बताया कि रिमांड पर लेकर आरोपियों से कत्ल में इस्तेमाल असलहा बरामद कर लिया गया है। 

सुबह हुआ समझौता और रात में मार दी गोली
पुलिस को विक्की ने बताया कि सौरभ को मारने के लिए कोई पहले से प्लान नहीं तैयार किया गया था। हम लोगों को पांच फरवरी को एक शादी समारोह में जाना था और इस दौरान हम लोग असलहा रखे थे। रास्ते में सौरभ मिल गया तो गोली मार दी। विक्की ने यह भी बताया कि पांच फरवरी की सुबह सौरभ से बात हुई थी और उसने पुरानी बात भूलकर दोस्ती को आगे बढ़ाने की बात कही थी लेकिन हम लोग डर चुके थे। हत्या के बाद अलग-अलग जगहों पर फरार हो गए। विक्की ने हत्या के बाद मामा के घर तरकुलहा में रात गुजारी थी और फिर वह दिल्ली रवाना हो गया था। 
विज्ञापन


50 हजार रुपए की मदद की थी
विक्की ने सौरभ को करीब दो साल पहले 50 हजार रुपये दिए थे। विक्की के मुताबिक यह रकम पिता ने व्यापार करने के लिए दिया था लेकिन दोस्ती में दे दिया। इसके बाद भी सौरभ अपमानित किया करता था। 

पिक्चर देखने के दौरान भी हुआ था विवाद
भोजपुरी पिक्चरों का शौक रखने वाले विक्की की पिक्चर हॉल में भी सौरभ से विवाद हुआ था। हत्या के कुछ दिन पहले पिक्चर देख रहे विक्की को सौरभ ने अपने साथियों के साथ पहुंचकर गाली दी थी। हालांकि तब विक्की वहां से निकल गया था।

सत्ताधारी नेता की मदद से बचता था सौरभ
विक्की ने पुलिस को बताया कि कई घटनाओं में सौरभ साथ में रहता था लेकिन सपा सरकार के बड़े नेता से उसका संपर्क हो गया था। शहर में सब्जी मंडी की जमीन खाली कराने के दौरान सौरभ ने मदद की थी, जिसके बाद से नेता उसकी मदद में रहते थे। हत्या के चार दिन पहले भी इंदिरा बाल बिहार पर बवाल हुआ था तब पुलिस ने सौरभ को पकड़ने की कोशिश की थी मगर नेता के दबाव के चलते ही वह भागने में सफल हो गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें