घूमने के लिए दो बदमाशों की बाइक पर बैठा एक बालक अपहरण का संदेह होने पर पेशाब करने के बहाने बाइक रुकवाकर भाग निकला। खोराबार के खरवनिया गांव पहुंचकर उसने गांव वालों को इसकी जानकारी दी। गांव के लोगों ने फोन से उसके घर वालों को बुलाया। घरवालों ने बेलीपार पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
संतकबीरनगर के कौआठोर गांव निवासी शैलेंद्र निषाद का बेटा संजय निषाद (12) बेलीपार के नौसड़ में अपने फूफा सुदर्शन के यहां रहकर पढ़ाई करता है। संजय महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में कक्षा छह का छात्र है। रविवार शाम को वह गांव में खेल रहा था। इस दौरान गांव का एक व्यक्ति उसके पास आया और उसे बाइक से घुमाने को कहा। संजय उसकी बाइक पर बैठ गया। आगे कुछ दूरी पर जाकर बाइक सवार ने अपने एक दोस्त को भी बैठा लिया।
संजय को लेकर दोनों बाइक सवार फोरलेन की तरफ चले गए। दो घंटे तक वे उसे इधर-उधर घुमाने लगे। बीच रास्ते में उनकी बात पर संजय को शक हुआ तो उसने पेशाब का बहाना बनाकर बाइक रुकवा ली। बाइक से उतरते ही वह भाग गया। उधर, खोराबार के खरवनियां गांव पहुंचकर गांव के लोगों को उसने पूरी जानकारी दी। लोगों ने संजय से उसके फूफा सुदर्शन का नंबर लेकर घटना की जानकारी दी। संजय को साथ लेकर सुदर्शन ने बेलीपार पुलिस को आरोपी अपहरणकर्ता के खिलाफ तहरीर दी है। बेलीपार एसओ गौरव सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है।
सीरियल का सीन याद आ गया
बकौल संजय, बाइक पर जब उसे घुमाया जा रहा था तो एक टीवी सीरियल में ऐसे ही एक बच्चे के बहला-फुसलाकर अपहरण किए जाने का सीन याद आ गया। चूंकि सीरियल में दिखाया गया था कि अपहरण होने पर बच्चा पेशाब करने के बहाने से गाड़ी रुकवाता है और भाग जाता है। ऐसी ही उसने भी बाइक रुकवाई और भाग निकला।