गोरखपुर।
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में छात्रा से छेड़खानी और बवाल का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि शनिवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी में फाइन आर्ट की छात्रा से छेड़खानी की गई। विरोध करने पर छात्रा को अगवा करने की कोशिश भी हुई। मामले में कैंट पुलिस ने नंदानगर के रहने वाले राज किशोर यादव, विजय पासवान और मोहनापुर पादरी बाजार निवासी आलोक शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके गिरफ्तार किया। देरशाम कोर्ट में पेश करके आरोपियों को जेल भेज दिया। घटना से यूनिवर्सिटी कैंपस में हड़कंप का माहौल रहा।
फाइन आर्ट की छात्रा शनिवार को सुबह क्लास करने विभाग की तरफ जा रही थी। इसी बीच बाइक सवार तीन युवक पहुंचे और छेड़खानी करने लगे। छात्रा ने शोर मचाकर और छात्रों को बुलाने की धमकी दी तो युवक छात्रा का हाथ पकड़कर खींचने की कोशिश करने लगे। छात्रा को बाइक पर बैठाने की कोशिश भी की लेकिन कुछ छात्र मौके पर पहुंच गए। यह देख तीनों युवक भागने लगे। इसकी सूचना पाकर चीफ प्रॉक्टर प्रो. गोपाल प्रसाद ने मुख्य गेट बंद करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही सुरक्षा कर्मचारियों की मदद से दौड़ाकर बाइक सवार तीन युवकों को धर दबोचा। मामले की सूचना विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज भीक्खू राय को दी गई। चौकी इंचार्ज ने पूछताछ शुरू की तो बाइक सवारों ने अपना नाम राज किशोर यादव, विजय पासवान और आलोक शर्मा बताया। आरोपियों ने कहा कि वह यूनिवर्सिटी के छात्र नहीं हैं। किसी और काम से आए थे। इसी का नतीजा रहा कि छात्रा से छेड़खानी के आरोपियों को कैंट थाने ले जाया गया। इंस्पेक्टर ने कैंट मनोज कुमार पाठक ने सख्ती से पूछताछ शुरू की। इसी बीच चीफ प्रॉक्टर ने आरोपियों के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज करने की तहरीर दी। इसी आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज करके आरोपियों को जेल भेज दिया। इस घटना को लेकर परिसर की छात्राओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी में सुरक्षा के इंतजाम नाकाफी हैं। परिसर में अलग-अलग विभागों के पास क्लोज सर्किट टेलीविजन (सीसीटीवी) कैमरे भी नहीं लगाए गए हैं। आए दिन छींटाकशी का सामना करना पड़ता है। अब छेड़छाड़ का मामला सामने आ गया। यदि सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त नहीं किए गए तो आंदोलन किया जाएगा।
कैंपस में जबरन घुसे आरोपी
छेड़छाड़ के आरोप में गिरफ्तार आरोपी यूनिवर्सिटी कैंपस में जबरन घुसे थे। मुख्य गेट पर सुरक्षा कर्मचारियोें ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन स्पीड में दीक्षा भवन की तरफ निकल गए। चीफ प्रॉक्टर ने बताया कि आरोपी गलत मंशा से यूनिवर्सिटी कैंपस में घुसे थे। इसी आधार पर मुकदमा कराया गया है।