गोरखपुर। जालसाजी के मामले में दो दिनों से हिरासत में लेकर थाने पर बैठाए गए दो व्यापारियों को पीपीगंज पुलिस ने मंगलवार की रात में निजी मुचलके पर छोड़ दिया। हालांकि उन्हें छोड़ने से पहले मुख्य आरोपी को एक सप्ताह के अंदर हाजिर कराने का अल्टीमेटम भी दिया। बताया जा रहा है कि व्यापारियों की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़कने के साथ ही व्यापारी की पत्नी की ओर से आत्मदाह की धमकी देने के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई।
पीपीगंज के बढ़या चौक के प्रधान मृत्युंजय सिंह ने अपने गांव के संतोष जायसवाल, उनके भाई पवन उर्फ राजन तथा मनोज गुप्ता सहित पांच लोगों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया था। मृत्युंजय सिंह का आरोप था कि आठ वर्ष पूर्व जमीन कारोबार के नाम पर उन्होंने संतोष जायसवाल और अन्य को अस्सी लाख रुपये दिए थे। रकम वापस मांगने पर संतोष ने चेक दिया जो कि बाउंस हो गया। पुलिस ने रविवार को संतोष के भाई पवन उर्फ राजन जायसवाल और पूर्व सहयोगी मनोज गुप्ता को उठा लिया था। ये दोनों व्यापारी हैं। पवन की पत्नी प्रतिभा और संतोष के भाई अविनाश ने सत्ता के प्रभाव में पुलिस पर उनके परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।
प्रतिभा ने बच्चों संग आत्मदाह की धमकी भी दी थी। पवन और मनोज को थाने में प्रताड़ित करने की सोशल मीडिया पर पोस्ट के बाद उनके पक्ष में व्यापारिक संगठन भी मुखर होने लगे। विरोध के बाद दबाव में आई पुलिस ने सोमवार की रात में आनन-फानन में मंगलवार देर शाम पवन और मनोज को गिरफ्तार दिखाकर निजी मुचलके पर चेतावनी के साथ छोड़ दिया।