गोरखपुर। एयरफोर्स परिसर में गलत तरीके से घुसने के दौरान पकड़े गए बिहार के शशिकांत झा को पुलिस ने जेल भेज दिया। हालांकि पूछताछ में शाहपुर पुलिस को कुछ खास हासिल नहीं हुआ। यही नहीं, नंदानगर के किराए के मकान की तलाशी लेने के दौरान भी पुलिस टीम को कुछ हाथ नहीं लगा। आरोपी के परिवार वालों के न रहने से तलाशी ही नहीं हो सकी। पुलिस ने मकान मालिक आरोपी का परिवार आते ही सूचना देने को कहा है ताकि तलाशी ली जा सके।
एयरफोर्स सिक्योरिटी ने शनिवार की सुबह गोरखपुर एयरफोर्स के विमानों की उड़ान की गोपनीय जानकारी के साथ शशिकांत को पकड़ा था। पूछताछ के बाद शाम को उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शाहपुर पुलिस के अलावा एयरफोर्स सिक्योरिटी ने भी पकड़े गए युवक से पूछताछ की, लेकिन उसने अब तक यह नहीं बताया है कि विमानों की गोपनीय जानकारी जुटाने के पीछे उसका मकसद क्या था। शाहपुर इंस्पेक्टर प्रदीप शुक्ला ने बताया कि परिवार के आने पर कमरे की तलाशी ली जाएगी। मकान मालिक को बता दिया गया है कि बिना पुलिस की मौजूदगी के कमरे का ताला न खोला जाए।
लड़ाकू विमान का लिखा था समय
बिहार के शशिकांत के पास से मिले कागज में लड़ाकू विमान का समय लिखा है। पूछताछ में उसने बताया कि मेस में काम करने के दौरान अफसरों के आपस की बातचीत सुनकर उसने विमानों का शेड्यूल नोट किया था।
इन सवालों के नहीं मिले जवाब
- लड़ाकू विमान का समय क्यों नोट किया?
- मेस में नौकरी लगी तो फिर निकाला क्यों गया?
- जानकारी के बाद भी विमान का समय लेकर वह अनाधिकृत क्षेत्र में क्यों गया?
- सिर्फ लड़ाकू विमानों का ही समय क्यों नोट किया?
एयरफोर्स में आठ साल रसोइया था शशिकांत
बिहार निवासी शशिकांत झा नंदानगर में किराए के कमरे में रहता था। वह आठ साल से एयरफोर्स के मेस में रसोइया के तौर पर काम कर रहा था। सितंबर 2017 में उसे बाहर कर दिया गया। हालांकि उसके बाद भी एयरफोर्स में उसका आना-जाना लगा रहता था। चर्चा तो यह भी है कि उसके पास अंदर जाने का पास था, लेकिन जिस समय वह पकड़ा गया, पास उसके पास नहीं था।