गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के पेपर लीक कांड की जांच कर रही एसटीएफ ने शनिवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की। गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर में एक साथ छापे डाले गए। इस दौरान एक और संदिग्ध को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की चर्चा है। इससे पहले दो संदिग्धों को उठाया गया था। एसटीएफ की गोरखपुर इकाई का कहना है कि मामले का खुलासा जल्द ही कर दिया जाएगा। गहनता से छानबीन जारी है।
बीए, बीएससी गणित का पेपर लीक हो गया था। इसकी जांच गोरखपुर एसटीएफ कर रही है। विश्वविद्यालय से जो दस्तावेज जब्त किए गए थे, उन्हें शनिवार को जांच के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ भेज दिए गए। इसकी रिपोर्ट जल्द ही आएगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी। फिंगर प्रिंट के नमूनों का मिलान भी किया जाएगा। एसटीएफ की प्रारंभिक छानबीन से पेपर लीक कांड में बड़े गिरोह के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि पेपर लीक कांड की जड़ें गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर तक फैली हैं। हर कड़ी की तलाश की जा रही है। कई केंद्रों के अध्यक्षों, उनके कर्मचारियों की सूची बनाई जा रही है। इन सबसे सिलसिलेवार तरीके से पूछताछ की जाएगी।
सर्विलांस पर मोबाइल नंबर
पेपर लीक कांड के खुलासे के लिए एसटीएफ ने कई लोगों के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर लिया है। हर एक की पल-पल की निगरानी और गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। साइबर एक्सपर्ट की मदद से व्हाट्स एप ग्रुप की जांच कराई जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि पेपर कहां से लीक हुआ। किस-किस मोबाइल नंबर या फिर व्हाट्स एप ग्रुप के जरिए इसे आगे बढ़ाया गया।
कोचिंग वालों पर भी निगाह
एसटीएफ की निगाह कोचिंग संचालकों पर भी है। खास तौर से ऐसे कोचिंग संचालक, जो किसी डिग्री कॉलेज में शिक्षक हैं और बीएससी के विद्यार्थियों को पढ़ाते हैं। कुशीनगर और देवरिया के कुछ कोचिंग संचालकों की गतिविधियां संदिग्ध मिली हैं। विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच कमेटी भी इस बिंदु की पड़ताल में लगी है।