गोरखपुर।
बीआरडी कांड के आरोपी निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा समेत चार आरोपियों की न्यायिक अभिरक्षा बढ़ा दी गई है। निलंबित प्रिंसिपल और डॉ. कफील, डॉ. सतीश बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए, वहीं चीफ फॉर्मासिस्ट गजानन को कोर्ट लाकर पेश किया गया। चारों पर सदोष मानव वध का भी आरोप है। प्रभारी न्यायाधीश शिवानंद सिंह ने सुनवाई के बाद सभी की न्यायिक अभिरक्षा तीन अक्टूबर तक बढ़ा दी है।
बता दें कि मेडिकल कॉलेज में 10 व 11 अगस्त को ऑक्सीजन की कमी के बीच कई बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. कफील खान, डॉ. सतीश समेत 9 लोगों के खिलाफ नामजद केस दर्ज किया था। सभी आरोपी इस समय जेल में बंद हैं और पुलिस विवेचना कर रही है। चार लोगों की न्यायिक अभिरक्षा का समय पूरा होने पर बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने न्यायिक अभिरक्षा बढ़ा दी।
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इन धाराओं में दर्ज है केस
कोर्ट में प्रस्तुत की गई पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक बच्चों की मौत के मामले में गबन, सदोष मानव वध, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, इंडियन मेडिकल कौंसिल एक्ट, तथा आईटी एक्ट के धाराओं में केस दर्ज है।