गोरखपुर।
अलीगढ़ की चिट फंड कंपनी लाखों रुपये लेकर फरार हो गई है। चेतना तिराहा स्थित दफ्तर में ताला बंद होने पर ग्राहकों को जालसाजी की जानकारी हुई। एसएसपी के आदेश पर कैंट पुलिस ने डायरेक्टर, क्षेत्रीय प्रबंधक समेत 12 लोगों के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
एसएसपी दफ्तर पहुंचे गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज के कई लोग पहुंचे थे। सोमवार को महराजगंज, फरेंदा निवासी सुशीला यादव, मकसूद आलम ने कंपनी के फर्जीवाड़े की जानकारी दी। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक एमआरपी म्युचुअल बेनीफिट निधि लिमिटेड कंपनी का दफ्तर चेतना तिराहे पर खुला था। अलीगढ़ के ज्वालापुरी निवासी पंकज कौशिक कंपनी के डायरेक्टर है। अलीगढ़ के गोविंदनगर के संजय गांधी कॉलोनी में कंपनी का मुख्य कार्यालय है। तीन साल पहले पंकज ने भारत सरकार के कारपोरेट मंत्रालय में कंपनी के रजिस्टर्ड होने की जानकारी देते हुए एजेंट बनाए और मुनाफे का लालच देकर उनके जरिए ग्राहकों के करोड़ों रुपये जमा कराए। समय पूरा हुआ तो कंपनी के अधिकारी ग्राहकों को रकम लौटाने में टालमटोल करने लगे। इसी बीच चेतना तिराहे पर स्थित दफ्तर में ताला बंद कर अधिकारी और कर्मचारी फरार हो गए। दबाव बनाने पर क्षेत्रीय प्रबंधक ने चेक दिया जो बाउंस हो गया। अब सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद जा रहे हैं। पुलिस ने डायरेक्टर अलीगढ़, ज्वालापुर निवासी पंकज कौशिक, उनकी पत्नी बीना कौशिक, चमन शर्मा, छत्तीसगढ़ के रायपुर निवासी मानिक करमाकर, क्षेत्रीय प्रबंधक आगरा के न्यू लायर्स कॉलोनी निवासी मनु सिंह, ऑपरेटर हिमांशु, प्रशांत, बबिता, आशीष चौरसिया, मनु और अवधेश द्विवेदी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।