गोरखपुर। प्रापर्टी डीलर योगेश दत्त पांडेय की हत्या की फाइल फिर से खोली जाएगी। पीड़ित परिवार ने बृहस्पतिवार को एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता से मिलकर केस की फिर से विवेचना कराने की मांग की। आरोप है कि इस घटना में आरोपी बने यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर आरडी राय की भूमिका सामने आने के बाद भी पुलिस ने उन्हें बचा लिया है। एसएसपी के निर्देश पर खोराबार पुलिस शुक्रवार को फाइल खंगालने में जुटी रही। योगेश की हत्या कर फेंका गया शव कैंपियरगंज के जंगल में 11 नवंबर 2017 को मिला था।
खोराबार के न्यू महेवा फलमंडी निवासी योगेश दत्त पांडेय प्रापर्टी डीलर थे। वह ब्याज पर रकम भी देने थे। 11 नवंबर 2017 की शाम करीब पांच बजे वह दो झोले लेकर बाइक से निकले। रात में करीब नौ बजे उनका मोबाइल फोन ऑफ हो गया। योगेश का कोई लोकेशन न मिलने पर परेशान घरवालों ने खोराबार थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। अगली सुबह कैंपियरगंज के राजपुर, भौराबारी जंगल में योगेश का शव बोरे में कसकर फेंका हुआ मिला। उसके बाद पुलिस ने इंद्रानगर के लिटिल स्टार एकेडमी स्कूल के मैनेजिंग डाइरेक्टर राहुल राय, उसके दो अन्य साथियों राहुल पांडेय और राहुल यादव को गिरफ्तार कर हत्या का पर्दाफाश किया।
पुलिस का दावा था कि स्कूल के निर्माण के लिए योगेश्वर से राहुल ने 22 लाख रुपये का लेनदेन किया था। उनमें से 16 लाख रुपये जो बाकी थे, उन्हें न देना पड़े, उस लिए योगेश की हत्या कर दी गई। आरोप के मुताबिक राहुल ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर शव को कैंपियरगंज जंगल में फेंक दिया। घटना में घरवालों ने प्रोफेसर आरडी राय को भी हत्या की साजिश रचने का आरोपी बनाया था। आरोप है कि विवेचना में पुलिस ने प्रोफेसर को राहत दे दी। बृहस्पतिवार को योगेश की पत्नी पुष्पा अपने बच्चों के साथ एसएसपी के पास पहुंचीं। उसके बाद एसएसपी ने खोराबार पुलिस को दोबारा जांच का निर्देश दिया है।