गोरखपुर। खजनी पुलिस और क्राइम ब्रांच ने शुक्रवार रात रामनगर कड़जहां फोरलेन से ट्रक चालक की हत्या के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया ट्रक, 1.17 लाख रुपये, 21 क्विंटल सरिया और वारदात में इस्तेमाल हथियार को बरामद कर लिया है। एक आरोपी अभी फरार है।
एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि 14 अगस्त 2018 को खजनी के सोनवा नाले के पास सड़क किनारे झाड़ी में युवक का शव मिला था। युवक की पहचान सिद्धार्थनगर जिले के इटवा थाने के मुस्तहकम निवासी सुरेश कुमार के रूप में हुई थी। सुरेश के भाई शिवपूजन बताए थे कि उनके भाई ट्रक चालक हैं और वह पटना से सरिया लेकर चले थे। उसके बाद पुलिस अज्ञात पर हत्या और लूट का केस दर्ज कर छानबीन कर रही थी। उन्होंने बताया कि 14 सितंबर की रात पुलिस तेनुआ टोल प्लाजा के पास खड़ी थी। तभी टीम को मुखबिर से सूचना मिली की ट्रक चालक के हत्यारोपी दूसरे ट्रक से देवरिया की तरफ से आ रहे हैं। पुलिस टीम रामनगर कड़जहां की तरफ चली गई, तभी देवरिया की ओर से ट्रक आता दिखा। पुलिस टीम को देखते ही आरोपी ट्रक लेेकर भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर उन्हे पकड़ा। पकड़े गए युवकों की पहचान गोंडा के परसपुर थाने के भड़वनपुरवा निवासी विजय पाल, उतरौला निवासी सुभाष, कर्नलगंज के पांडेपुरवा निवासी मेलाराम और परसपुर बाजार निवासी अभिषेक सोनी के रूप में हुई है। वहीं आरोपी सुभाष का भाई शेषनारायन फरार है। उसके ट्रक की लोकेशन पंजाब में ही है।
दोस्ती कर साथ खाए-पीए, फिर ले ली थी जान
एसएसपी ने बताया कि आरोपी शेषनारायन पंजाब के एक व्यक्ति का ट्रक चलाता था। वह अपने भाई सुभाष और मित्र मेलाराम के साथ मिलकर एक माह से किसी ट्रक को लूटने की योजना बनाया था। शेषनारायन और सुरेश के ट्रक में पटना में दस-दस टन सरिया एक साथ लोड हुआ। सुरेश अकेले ट्रक में था। यह देखकर शेषनारायन ने उससे मित्रता कर अपने भाई सुभाष को उस ट्रक में बैठा दिया। देवरिया में एक ढाबे में सभी ने खाना खाया और शराब पी। उस दौरान तीनों ने सुरेश को कुछ नशीली चीज खिला दी। गोरखपुर तेनुआ टोल प्लाजा से कुछ दूर पहले नींद आने पर सुरेश ने सुभाष को ट्रक चलाने के लिए दे दिया। उसके बाद तीनों ने ट्रक रोककर उसी में उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ी में फेेंक दिया। उसके बाद सरिया सहित ट्रक लेकर फरार हो गए। सुभाष की तस्वीर टोल प्लाजा के सीसीटीवी में आ गई थी, जिससे पर्दाफाश हो पाया। ट्रक को लूटने के बाद तीनों गोंडा गए। वहां शेषनारायन अपने रिश्तेदार विजयपाल की मदद से व्यापारी अभिषेक सोनी के माध्यम से पांच लाख का सरिया 3.56 लाख में बेचा था।