गोरखपुर।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले में तैनात कुछ अफसरों को उनकी सख्ती का खौफ नहीं। नियम-मानक दरकिनार कर उन्होंने शहरी क्षेत्र में एक ही कुनबे के सात लोगों को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिए। हद तो यह कि एक साथ रहने वाले पिता-बेटे और पति-पत्नी को अलग-अलग आवास स्वीकृत किए गए हैं। दो लाभार्थियों के नाम से रकम भी जारी कर दी गई। इन्होंने आवास का निर्माण भी शुरू कर दिया है।
जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) ने वित्तीय वर्ष 2017-18 के प्रधानमंत्री आवास योजना की जो सूची बनाई है, उसमें तमाम गड़बड़ियां हैं। आरटीआई के तहत जनसेवा समिति, आवास विकास पश्चिमी को मिली जानकारी के मुताबिक शाहपुर में पहले आवास विकास की परिषद की भूमि पर गलत तरीके से पट्टा आवंटित किया गया। अब इसी भूमि पर एक ही कुनबे के सात सदस्यों के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर दिए गए। समिति के पदाधिकारियों ने मामले की शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी की है। गड़बड़ी के साक्ष्यों सहित पूरी जानकारी आवास आयुक्त, कमिश्नर अनिल कुमार और डीएम के. विजयेंद्र पांडियन को भेजी है। समिति के मुताबिक सालिक राम और राजू रिश्ते में ससुर-दामाद हैं। इनसे संबंधित परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम से प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हैं। नियमानुसार यह संभव नहीं है। 300 स्क्वायर फीट भूमि पर प्रधानमंत्री आवास बनवाने का नियम है, लेकिन शाहपुर की 600, 400 और 376 स्क्वायर फीट भूमि के लिए आवास स्वीकृत किए गए। सब्सिडी लेकर अब पूरे क्षेत्रफल में आवास बनवाए जा रहे हैं।
ये रहा लाभार्थी कुनबा
1- सालिक राम पुत्र हरि भगत, आवास विकास कॉलोनी गीता वाटिका की 300 स्क्वायर फीट भूमि पर आवास स्वीकृत।
2- शशि कपूर पुत्र सालिक राम, आवास विकास कॉलोनी, निकट पानी की टंकी शाहपुर गीता वाटिका, 376 स्क्वायर फीट भूमि पर स्वीकृति।
3- माधुरी देवी पत्नी शशि कपूर, आवास विकास कॉलोनी निकट पानी की टंकी शाहपुर गीता वाटिका की 300 स्क्वायर फीट भूमि पर मंजूरी।
4- ऋषि कपूर पुत्र सालिक राम, आवास विकास कॉलोनी निकट पानी की टंकी, शाहपुर में 300 स्क्वायर फीट भूमि पर आवास स्वीकृत।
5- प्रियंका पत्नी ऋषि कपूर, आवास विकास कॉलोनी निकट पानी की टंकी, शाहपुर गीता वाटिका में 300 स्क्वायर फीट भूमि पर स्वीकृति।
6- राजू शर्मा पुत्र मुरली, शाहपुर पानी टंकी के पास 600 स्क्वायर फीट भूमि पर आवास स्वीकृत।
7- माया पत्नी राजू, आवास विकास कॉलोनी, पानी की टंकी के पास 215 स्क्वायर फीट भूमि पर आवास स्वीकृत।
पति-पत्नी को एक साथ पट्टा देने का भी नियम नहीं
किसी भी परिवार के एक सदस्य को पीएम आवास देने का नियम है। यदि पिता और बेटे अलग-अलग रहते हैं तो दोनों को आवास मिल सकता है लेकिन एक साथ रहने वाले पति-पत्नी, बाप-बेटे के नाम से अलग-अलग आवास देने का नियम नहीं है।
शहरी क्षेत्र में अपनी जमीन जरूरी
पीएम आवास के लिए शहरी क्षेत्र में कम से कम 300 स्क्वायर मीटर अपनी जमीन होनी चाहिए। इसी क्षेत्रफल में आवास बनते हैं। यदि अपनी जमीन नहीं है तो जीडीए की विभिन्न योजनाओं में पंजीकरण कराया जा सकता है। निर्धारित ढाई लाख रुपये की छूट के साथ बहुमंजिली इमारतों में आवास लिया जा सकता है।
वाल्मीकि आवास योजना का भी लाभ
जिन लोगों को प्रधानमंत्री आवास दिया गया है, उनमें से तमाम को वाल्मीकि आवास योजना का लाभ मिल चुका है। इसकी शिकायत आवास आयुक्त और प्रशासन के अफसरों से की गई, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। नियमानुसार एक आवासीय योजना के लाभार्थी को दूसरी योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता।
पति-पत्नी को एक साथ पीएम आवास योजना का लाभ नहीं दिया जा सकता। यह गबन की श्रेणी में आता है। पूरे मामले की जांच होगी। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। स्वीकृत धनराशि की रिकवरी भी होगी।
- के. विजयेंद्र पांडियन, जिलाधिकारी