गोरखपुर। बीआरडी कांड के सभी आरोपियों की रिमांड 16 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम शिवानंद सिंह के कोर्ट में आरोपी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला की जमानत अर्जी पर भी बहस हुई। हालांकि कोर्ट ने इस पर फैसला अभी सुरक्षित रखा है। उधर, पुलिस ने केस डायरी की सीडी कोर्ट में पेश की, जिसके बाद बहस की कार्रवाई की गई।
ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत के मामले में निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला समेत नामजद सभी नौ अभियुक्त जेल में हैं। डॉ. पूर्णिमा ने कोर्ट में जमानत की अर्जी दी थी। मंगलवार को उस पर बहस हुई। विवेचक सीओ कैंट ने केस डायरी भी कोर्ट में पेश की, जिसमें बयान व आरोपों के सबूत मौजूद हैं। दोनाें पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आदेश की कॉपी टाइप होने चली गई थी लेकिन उसी समय लाइट चली गई और कोर्ट का समय भी पूरा हो गया। इस वजह से फैसला सुरक्षित रख लिया गया। कोर्ट ने इसके पहले सभी आरोपियों की रिमांड बढ़ाकर 16 अक्टूबर तक कर दी थी। आरोपियों की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट पेशी कराई गई।
यह है मामला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में 9 से 11 अगस्त के बीच ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, ऑक्सीजन सप्लायर कंपनी पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कफील खान, चीफ फॉर्मासिस्ट गजानन जायसवाल, सुधीर, संजय त्रिपाठी, उदय के खिलाफ केस दर्ज किया था। ये सभी आरोपी इस वक्त जेल में हैं।