पीपीगंज। बेटे के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से क्षुब्ध पिता जान देने के लिए बुधवार की सुबह रोहिन नदी में कूदने पहुंच गया। वह तो गनीमत थी कि मौके पर मौजूद एक ट्रक चालक ने उन्हें ऐसा करने से रोक लिया और घरवालों को बुलाकर सुपुर्द कर दिया। उनके पास से कीटनाशक की शीशी भी मिली। घर से निकलने से पहले वह सुसाइड नोट भी छोड़ आए थे। पिता ने पुलिस पर बेटे की हत्या के मामले में लीपापोती का आरोप लगाया है।
बेलघाट खुर्द, तर्कवलिया के राम बेलास (50) का बेटा वीरेंद्र कुमार (16 वर्ष) 27 अगस्त को लापता हो गया। तीन दिन बाद उसकी लाश चिलुआताल के बरियारपुर गांव के पास राप्ती नदी में मिली। राम बेलास ने हत्या की आशंका जताते हुए पीपीगंज थाने में तहरीर दी। बकौल रामबेलास, कई दिनों तक टालमटोल के बाद उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर केस दर्ज किया गया, मगर पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेने के बाद छोड़ दिया। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए राम बेलास पीपीगंज एसओ मिलते रहे। बाद में एसएसपी से भी मिलकर गुहार लगाई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे आजिज आकर बुधवार को वह कीटनाशक की शीशी साथ लेकर सिसई घाट पहुंच गए। जिस समय वह पुल पर शीशी खोल रहे थे उसी समय वहां मौजूद ट्रक चालक की नजर पड़ गई। उसने रामबेलास से कीटनाशक की शीशी छीन ली। उनकी आपबीती सुनने के बाद ट्रक ड्राइवर ने घर वालों को सूचना देकर बुला लिया।