गोरखपुर। नारकोटिक्स ब्यूरो लखनऊ और गोरखपुर एसटीएफ ने बुधवार को शहर से मादक पदार्थों के अंतरराष्ट्रीय गिरोह के तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से ढाई करोड़ रुपये के मादक पदार्थ बरामद किए गए हैं। पिछले दिनों गिरफ्तार यूक्रेन की डारिया मोलचन के मामले में जांच करते हुए दिल्ली पुलिस, एसटीएफ तस्करों तक पहुंची है। आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो लखनऊ में मुकदमा दर्ज कराके जेल भेज दिया गया है। तस्करों के तार नेपाल, पाकिस्तान सहित कई देशों से जुड़े हैं। इनके पास से नेपाल और भारत की मुद्रा भी बरामद की गई है।
एसटीएफ के मुताबिक मादक पदार्थों की बड़ी खेप नेपाल के रास्ते लाई गई थी। इसे गोरखपुर से पूर्वांचल सहित यूपी के अन्य शहरों, दिल्ली तक ले जाना था। इसकी सूचना एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह को मिली। एसएसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक एस आनंद और निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह के साथ गोरखपुर की फील्ड इकाई को गिरफ्तारी के लिए लगाया। नारकोटिक्स ब्यूरो लखनऊ की मदद से सूचना के हिसाब से घेरे बंदी कर तस्करों को गोरखपुर रेलवे स्टेशन के बाहर से गिरफ्तार किया गया। इनकी पहचान महराजगंज जिले के सोनौली थानाक्षेत्र के कैलाशनगर निवासी सोहन गुप्ता, इसी जिले के नौतनवां थानाक्षेत्र के मधुवन नगर वार्ड नंबर 8 के किशनलाल उर्फ कृष्णनाथ अग्रहरी और ई-318 जगदीशनगर उस्मानपुर तीसरा पुस्ता पुरानी दिल्ली के राजू देवल उर्फ राजू पटवा के रूप में की गई है। तीनों एक ही कार से गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचे थे। तस्करी में ही सोहन का भाई सुभाष गुप्ता भी पिछले चार साल से नेपाल की जेल में बंद है। उसे आठ साल की सजा मिली है। इस मामले में नेपाल के अशोक गुरुंग, अफरोज, सिकंदर अंसारी, महबूब आलम और राजेश का नाम भी सामने आया है।
शाहजहांपुर से मंगाता था हेरोइन
गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि किशन लाल के जरिए जलालाबाद, शाहजहांपुर से हेरोइन मंगाई जाती थी। शाहजहांपुर का ही आलू का बड़ा व्यापारी आकाश हेरोइन की सप्लाई करता था। सोहन ने स्वीकार किया कि वह पिछले 16 साल से तस्करी में लिप्त है। नेपाल में भी वह मादक पदार्थों की तस्करी करता था। सोहन तस्करी के ही आरोप में 14 साल तक नेपाल की रुपनदेही जेल में बंद था।
तस्करों के पास से बरामदगी
400 ग्राम हेरोइन, 210 ग्राम अल्प्राजोलान, 300 ग्राम नाइट्रोजेपाम, सिमकार्ड युक्त तीन मोबाइल, 2 आधार कार्ड, एक पैन कार्ड, एक डीएल, एक वोटर आईडी कार्ड, 17 हजार रुपये की पीएनबी की जमा पर्ची, टाटा इंडिगो, 5310 रुपये ( भारतीय) और 1535 नेपाल मुद्रा ।
तस्करों को गिरफ्तार करने वाली टीम
इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश सिंह, एसआई भानु सिंह, एसआई राजकुमार सिंह, अभिमीत तिवारी, अनूप राय, यशवंत सिंह, विनय सिंह, संतोष सिंह और महेंद्र सिंह।