उरूवा के धुरियापार रोड पर रौजा दरगाह के पास शनिवार को पिकअप से टकराकर स्कूली बच्चों से भरा ऑटो पलट गया। हादसे में 12 छात्र-छात्राएं घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल कराया गया। जहां पर तीन की हालत गंभीर देखकर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। नौ बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। ऑटो चालक की तहरीर पर पुलिस पिकअप चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
कूईं बाजार और उरूवा प्रतिनिधि के मुताबिक कस्बे के सेंट जोसेफ मिशन स्कूल की छुट्टी होने के बाद दोपहर साढ़े बारह बजे के करीब बेलघाट के चाईपुर निवासी अभिषेक पाठक ऑटों से बच्चों को घर छोड़ने जा रहे थे। स्कूल से कुछ ही दूरी पर रौजा दरगाह के पास सामने से आ रही अनियंत्रित पिकअप ने ऑटो में टक्कर मार दी। जिससे ऑटो पलट गई और उसमें सवार सभी 12 बच्चे चोटिल हो गए। ऑटो पलटते ही चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। कुछ देर बाद मौके पर कई अभिभावक भी पहुंच गए। उधर पुलिस ने घायल बच्चों को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा।
इन बच्चों की हालत गंभीर
मीरपुर निवासी आयुष यादव पुत्र बलिंदर यादव, शाहपुर के रजत जायसवाल पुत्र रमेश जायसवाल, अन्नू पुत्री संजय गुप्ता का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
इनको प्राथमिक उपचार के बाद भेजा गया घर
अनुराग पुत्र संजय गुप्ता, अमन यादव पुत्र जय प्रकाश, दीक्षा यादव पुत्री प्रकाश यादव, पीयूष जायसवाल पुत्र राजेश जायसवाल, मानवी जायसवाल पुत्री रमेश जायसवाल, मुस्कान जायसवाल पुत्री रमेश जायसवाल, अरुण जायसवाल पुत्र राजेश जायसवाल, अनुभव यादव पुत्र विजय कुमार यादव, आराध्या नंदिनी पुत्री राजू गुप्ता।
ओवरलोड होने से ही गड्ढे में पलटी ऑटो
उरुवा में धुरियापार रोड पर रौजा दरगाह के पास स्कूली छात्रों को बैठाकर जा रही ऑटो यूं ही नहीं पलटी। पिकअप से टक्कर के बाद ओवरलोड होने से ही ऑटो गड्ढे में पलट गई। अभिभावकों ने बताया कि ओवरलोडेड ऑटो की कई बार स्कूल प्रबंधन से शिकायत की गई थी। बच्चे भी घर आकर ऑटो में ठूंस कर बैठाए जाने की शिकायत करते थे।
हादसे के बाद बच्चे काफी डर गए थे। गांव वालों ने उन्हें ऑटो से बाहर निकाला और फिर अस्पताल में भर्ती कराया। हादसे से मचे चीख-पुकार के बीच ही घबराए अभिभावक भी घटनास्थल पर पहुंचे। उनकी चिंता बच्चों को लेकर थी। नौ बच्चों को मामूली चोटें आने की जानकारी होने पर अभिभावकों की परेशानी कुछ कम हुई, लेकिन तीन बच्चों के अभिभावक अब भी परेशान हैं। उनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। स्कूल प्रबंधन ने ऑटो किराए पर ले रखा है। एक बार 15 बच्चे ऑटो में बैठाए जाते हैं, जिससे हमेशा ऑटो के अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती थी।