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स्कूल से निकली छात्रा सिटी मॉल में मिली

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गोरखपुर।
दस साल की छात्रा की बालसुलभ नादानी से मंगलवार को उसके अभिभावक, स्कूल प्रबंधन और पुलिस के अधिकारी साढ़े चार घंटे तक हलकान रहे। उसने स्कूल में हिंदी की परीक्षा दी फिर बाहर निकल आई। वह आइसक्रीम खाती, शॉपिंग करती रही इधर उसके लापता होने की सूचना से हड़कंप मचा रहा। इन खर्चों के बाद भी उसके बैग से 2100 रुपये मिले।
सिविल लाइंस स्थित एचपी चिल्ड्रेन स्कूल की कक्षा चार की छात्रा भव्या चोपड़ा स्कूल छूटने के बाद घर ले जाने आए नाना राजेश चोपड़ा को नहीं मिली। आसपास खोजबीन के बाद करीब साढ़े 10 बजे राजेश ने स्कूल की प्रिंसिपल दीबा अहमद और साथ ही पुलिस को छात्रा के लापता होने की सूचना दी। नामी स्कूल की छात्रा के लापता होने की खबर पर पुलिस अफसर सक्रिय हो गए। एसपी सिटी विनय सिंह, एसपी क्राइम आलोक शर्मा और एसओ महिला थाना शालिनी सिंह सहित तमाम अफसर स्कूल पहुंच गए।
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छात्रा को तलाशने के लिए तीन अलग-अलग टीमें लगाई गईं। एचपी और पिलर्स स्कूल के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को खंगाले गए। इससे पता चला कि गेट पर स्कूल के गार्ड ने उसे बाहर जाने से रोका भी, तभी सहपाठी का ऑटो चालक आया तो उसके साथ भव्या भी निकल गई। स्कूल से बाहर उसने सहपाठी के साथ आइसक्रीम खाई। फुटेज देखने के बाद पुलिस की एक टीम छात्रा के घर गई और दूसरी टीम को कुशीनगर, सहजनवां और सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगाया गया। तीसरी फोरलेन के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज से सुराग तलाशने में जुटी। सोशल मीडिया पर भी मदद मांगी गई। इन्हीं कवायद के बीच छात्रा के सिटी मॉल में होने की सूचना मिली। पुलिस छात्रा को साथ लेकर स्कूल आई। पूछताछ में उसने मॉल जाना स्वीकारा। कहा, कपड़ा खरीदना था।

फुटेज में आइसक्रीम खाते दिखी
इंस्पेक्टर कैंट मनोज पाठक स्कूल पहुंचे तो प्रबंधन ने छात्रा के परीक्षा की कॉपी और फोटो उन्हें उपलब्ध कराए। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो छात्रा पिलर्स स्कूल की तरफ जाते दिखी। तब पुलिस ने पिलर्स स्कूल में जाकर सीसीटीवी के फुटेज देखे। यहां स्कूल के सामने वह आइसक्रीम खाते दिखी।

स्कूल प्रबंधन सहमा
छात्रा के लापता होने की सूचना से स्कूल प्रबंधन सहम गया। बड़ा बवाल न हो जाए और छात्रा जल्द से जल्द मिल जाए इसलिए प्रबंधन ने पुलिस को हर संभव सूचनाएं पुलिस को दीं। अपने लोग भी उसकी खोजबीन में लगा दिए।

....और सभी दौड़ पड़े सिटी मॉल की तरफ
स्कूल में सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद महिला थाना की एसओ शालिनी सिंह और कैंट इंस्पेक्टर मनोज पाठक छात्रा की नानी और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रहे थे, 3.10 बजे इंस्पेक्टर कैंट के पास फोन आया कि छात्रा सिटी मॉल से मिल गई। घरवाले और स्कूल स्टॉफ सभी सिटी मॉल की तरफ दौड़े पर छात्रा को लेकर आती पुलिस टीम मिल गई तो सभी साथ एचपी स्कूल पहुंचे।

बैग में मिले सौ-सौ के नोट
छात्रा को स्कूल लाकर जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो उसमें 100-100 और 20-20 रुपये के नोट मिले, जिसे देखकर स्कूल प्रबंधन समेत सभी चौंक गए। पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि ये पैसे उसकी बचत के हैं जो उसे घरवालों और रिश्तेदारों ने समय-समय पर दिए थे।

आइसक्रीम, डोसा खाने के बाद की खरीदारी
बैग की तलाशी में बिस्किट और नए कपड़े भी मिले। छात्रा ने पहले आइसक्रीम खाया। फिर डोसा और मोमो का ऑर्डर दिया। इसके बाद अकेले शॉपिंग करने पहुंच गई। जींस-टॉप खरीदा। स्कूल से निकलने के बाद उसने रिक्शा किया और 10 रुपये किराया देकर मॉल पहुंची।

नाना से कहा था देर से आइएगा
मंगलवार को छात्रा ने हिंदी की परीक्षा दी थी। कॉपी में उसने सभी सवालों के जवाब भी दिए हैें। उसने सुबह स्कूल छोड़ने आए नाना राजेश चोपड़ा से वापस ले जाने के लिए थोड़ी देर से आने को कहा था। बताया कि वह दोस्तों के साथ खेलेगी। राजेश चोपड़ा के पहुंचने के चंद मिनट पहले ही वह स्कूल से निकली थी।

घर से प्लानिंग कर निकली थी
छात्रा के बैग से रुपये बरामद होने और पुलिस की पूछताछ से यह बात साफ हो गई कि वह घर से ही प्लानिंग करके स्कूल पहुंची थी। गेट से निकलने की कोशिश की लेकिन गार्ड ने रोक दिया। बाद में दोस्त और उसके ऑटो चालक का सहारा लेकर निकल गई।


काम आया एसएसपी का अनुभव
जांच पड़ताल के बीच ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने पुरानी घटना के अनुभव के आधार पर पुलिस टीम को सिटी मॉल भेजा। उनका अनुमान सही निकला और छात्रा मॉल में ही मिली।

पहली बार की ऐसी मनमानी
भव्या ने जो किया उससे उसकी देखरेख करने वाले नाना-नानी भी हैरान हैं। उन्होंने बताया कि ऐसा उसने पहली बार किया। उसकी नानी ने पुलिस को बताया कि एक दिन पहले उसे किसी बात पर डांट जरूर लगाई थी।
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कोट::
छात्रा स्कूल से निकल गई थी। पुलिस की अलग-अलग टीमें लगाई गईं। छात्रा कुछ ही घंटे में मिल गई। उसे परिवार वालों को सुपुर्द कर दिया गया है। : सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी
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