गोरखपुर।
जिन चौकियों पर तमाम पैरवी के बाद तैनाती पाने पर दरोगा गदगद होते थे, अब वहां मुफ्त में मिली तैनाती भी रास नहीं आ रही। मलाईदार माने जाने वाली टीपी नगर और फलमंडी चौकी पर तैनाती पाए दरोगा अब वहां न भेजने की सिफारिशें करा रहे हैं। दरअसल इन चौकियों की मलाई पुलिस कप्तान की सख्ती से खट्टी हो गई है। पुलिसवाले जान गए हैं कि इन चौकियों की मलाई अब आसानी पचने वाली नहीं रह गई है।
जिले की कमान संभालने के बाद एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कई चौकियों की पड़ताल की तो टीपी नगर और फलमंडी चौकी पर वसूली पकड़ी गई। इस पर कई अज्ञात पुलिस वालों पर राजघाट थाने में केस दर्ज हुआ। फिर दोनों ही चौकियों पर तैनात इंचार्ज समेत सभी पुलिसवाले लाइन हाजिर कर दिए गए। ये दोनों चौकियां दो महीने से खाली हैं। रोजाना पुलिस लाइंस से यहां पुलिस वालों की ड्यूटी बदल-बदलकर लगाई जा रही है।
वसूली पर गाज गिरती देख इन चौकियों पर तैनाती का मोहभंग हो गया। अब एसएसपी ने इन दो चौकियों समेत सात दरोगाओं को नई तैनाती दी है। लेकिन इन दो चौकियों पर भेजे जा रहे दरोगा पैरवी करा रहे हैं कि उन्हें इन चौकियों पर न भेजा जाए। हालांकि एसएसपी ने दोनों दरोगा को नई तैनाती वाली जगह तत्काल ज्वाइन करने का आदेश दिया है। ताजा फेरबदल में एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कोतवाली थाने में तैनात अखिलेश यादव को रेलवे कॉलोनी चौकी, अवधेश प्रसाद सिंह को कोतवाली थाने से टीपी नगर चौकी, धनंजय राय को बसंतपुर चौकी से फलमंडी चौकी, बलराम त्रिपाठी को कोतवाली से बक्शीपुर चौकी, राजेश सिंह को बक्शीपुर से बेतियाहाता चौकी, संजय सिंह को पुलिस लाइन से इंजीनियरिंग कॉलेज चौकी का प्रभार सौंपा है। वहीं राजेश पांडेय को एसएसटी से पुलिस लाइन भेजा है।