गोरखपुर। नवागत एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने कानून व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए कड़े तेवर दिखाए हैं। फरियादियों की बातें सुनने के दौरान उन्होंने थानेदारों को फोन पर ही हड़काया। बाद में एक आदेश जारी कर कहा कि क्राइम का ब्योरा रोजाना दिया जाए। थानेदार बताएं कि वे कितने अभियुक्तों को अब तक गिरफ्तार कर चुके हैं और कितने फरार हैं।
फरियादियों के बीच एसएसपी ने कहा कि कई थानेदार गंभीर मामले में अभियुक्त की गिरफ्तारी से बच रहे हैं। इसकी समीक्षा की जाएगी। जो थानेदार जिम्मेदारी से बचेंगे, उनकी थानेदारी निश्चित जाएगी। सारा जोर कानून-व्यवस्था में सुधार पर है। इसमें किसी तरह की लापरवाही या फिर हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बदमाशों के मन में पुलिस का खौफ होना चाहिए। एसएसपी ने थानों पर फरियाद सुनने के लिए तैनात दिवसाधिकारी, मुंशी का नाम तय करके सूची तलब की है। साथ ही कहा है कि दिन, रात की ड्यूटी रिपोर्ट भी भेजी जाए। सीधे संवाद के दौरान कुछ थानेदारों की लापरवाही सामने आ गई। खोराबार और झंगहा सहित कई थानेदारों से संबंधित शिकायती पत्र भी दिए गए। इस पर एसएसपी ने कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
एनसीआर व मेडिकल न कराने पर कार्रवाई
फरियादियों सें संवाद के दौरान शिकायत मिली कि झंगहा में 28 मई को दो पक्षों में मारपीट हुई थी। एक पक्ष का मुकदमा दर्ज कर लिया गया। दूसरे पक्ष की कोई बात नहीं सुनी गई। उसे पूरी रात थाने पर बैठाए रखा गया। एसएसपी ने फोन पर ही झंगहा के थानेदार की जमकर क्लास ली। मारपीट के मामले में एनसीआर दर्ज न करने और पीड़ित का मेडिकल परीक्षण न कराने पर एसएसपी ने नाराजगी जताते हुए कहा है कि अब थानों में एनसीआर दर्ज करने और घायलों का मेडिकल परीक्षण न कराने पर संबंधित पर कार्रवाई होगी।
‘खुले बटन और मोटी चेन पहनने वाले मुझे पसंद नहीं’
पहली बार दफ्तर में फरियादियों से सीधा संवाद करते हएु एसएसपी ने कड़ा संदेश दिया। बोले फरियादी आएं, उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। कॉलर खड़ा करने, बटन खोलने और मोटी चेन पहनने वाले पसंद नहीं हैं। इसी बीच एसएसपी की निगाह एक बुजुर्ग के साथ शर्ट के बटन खोले और गले में मोटी चेन पहने युवक पर गई। एसएसपी ने युवक को बाहर करवा दिया। साथ ही कहा कि ऐसे लोग मुझे पसंद नहीं है। ऐसे लोगों को अपने साथ न लाएं।