गोरखपुर। चोरी के वाहनों का पता लगाने के लिए पुलिस अब मोबाइल एप का भी सहारा लेगी। एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता एप तैयार करा रहे हैं। उसे पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन में डाउनलोड कराया जाएगा। पुलिसकर्मी जैसे ही चोरी हुए वाहन के रजिस्ट्रेशन नंबर का एक भी अंक एप में टाइप करेंगे, वैसे ही जिले में उस अंक वाले चोरी के वाहनों की सूची मोबाइल स्क्रिन पर आ जाएगी। किस इलाके से वाहन चोरी की गई है और उसका मालिक कौन है, वह भी मालूम हो जाएगा।
वाहन चोरी की घटनाओं को रोकने और वाहनों को बरामद करने के लिए एसएसपी एंटी व्हीकल थेप्ट एंड रिकवर एप का इस्तेमाल कराने की तैयारी में हैं। आम लोगों के मोबाइल फोन में भी पुलिस इस एप को डाउनलोड कराएगी। एसएसपी एप का इस्तेमाल जम्मू में पोस्टिंग के दौरान कर चुके हैं। वहां पुलिसकर्मी एक-दूसरे थाने से बरामद वाहन का ब्योरा भेजकर उसके बारे में पता करते हैं कि उसे कहां से चुराया गया था और किस थाने में केस दर्ज है। इस एप में जिले में अब तक के चोरी हुए सभी वाहनों का पूरा डाटा अपलोड किया जाएगा।
ये होंगी खासियतें
अगर किसी को वाहन का पूरा नंबर न भी याद हो तो सिर्फ एक अंक ही डालने पर उससे संबंधित सभी चोरी के वाहनों का डाटा आ जाएगा।
एक दिन में पांच वाहन होते हैं चोरी
जिले में एक दिन में औसतन पांच वाहन चोरी होते हैं। उसकी अपेक्षा पुलिस एक महीने में करीब तीस से चालीस वाहन ही बरामद कर पाती है।