कैंट इलाके के बिलंदपुर में धारदार हथियार से गला काटने से घायल युवती सुनीता चौहान की मौत हो गई। शुक्रवार की देर रात हालत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज से लखनऊ रेफर किया गया था। लखनऊ ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया। उधर, जिस गली में युवती का गला रेता गया था, वहां लगे एक सीसी टीवी फुटेज को पुलिस ने देखा है, जिसमें दो शख्स आते-जाते दिखाई दिए हैं। पुलिस उनकी पहचान के साथ ही तलाश शुरू कर दी है। पुलिस को सुनीता के करीबियों पर ही शक है।
शुक्रवार की रात करीब आठ बजे के करीब प्राइवेट क्लीनिक से काम कर किराए के कमरे पर लौट रही सुनीता चौहान का बदमाशों ने गला रेत दिया था। लहूलुहान सुनीता को मेडिकल कॉलेज में उपचार के बाद डॉक्टरों ने लखनऊ रेफर कर दिया था।
मोबाइल डिटेल खंगाल रही पुलिस
सुनीता के मोबाइल फोन के डिटेल को पुलिस खंगाल रही है। घटना के बाद भी एक नंबर से लगातार उसके मोबाइल फोन पर मिस्ड कॉल आ रही थी। पुलिस की जांच में एक रिश्तेदार से उनकी रोजाना देर-देर तक बात रिकॉर्ड हुई है। पुलिस को उस रिश्तेदार पर भी संदेह है। उसकी गतिविधियों पर पुलिस की नजर बनी है।
रूम पार्टनर से भी पूछताछ
सुनीता की रूम पार्टनर रही मंशा पटेल को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। पुलिस को यह जानकारी मिली है कि रिश्तेदार अक्सर ही रात में कमरे में ठहर जाता था। इसी वजह से मंशा ने कमरा छोड़ दिया था।
मामा ने दिलवाई थी नौकरी
पिपराइच के रहने वाले मामा हरेंद्र ने गोरखपुर में सुनीता को नौकरी और किराए पर कमरा दिलाया था। युवती का गला रेतने की घटना के बाद पुलिस से पहले हरेंद्र ही जिला अस्पताल पहुंचा था। जिस मकान में सुनीता किराए पर रहती थी, वहां के लोगों को भी अभिभावक के तौर पर युवती के मामा के बारे में ही जानकारी थी।
भाई ने मामा पर शक जताया
सुनीता के भाई लक्ष्मण ने रिश्ते में मामा लगने वाले हरेंद्र पर ही शक जताया है। वह पोस्टमार्टम हाउस पर बार-बार हरेंद्र का नाम ले रहा था। उसका कहना था कि रात में कैंट पुलिस जब उसकी बहन से बयान लेने की कोशिश कर रही थी तो हरेंद्र बार-बार यह कहते हुए अड़ंगा लगा रहा था कि सुनीता बयान देने की स्थिति नहीं है। लक्ष्मण ने बताया कि रात करीब आठ बजे कैंट थाने से उनके घर पर मोबाइल फोन पर सूचना दी गदई थी। उसके बाद गांव के एक व्यक्ति के यहां से जीप लेकर पूरा परिवार मेडिकल कॉलेज पहुंचा था। परिवार के आने के बाद कैंट थाने के दरोगा बयान लेने आए थे।
चार भाई बहनों में दूसरे नंबर पर थी सुनीता
सुनीत दो भाई और दो बहनों में दूसरे नंबर की थी। बड़ी बहन मैना की शादी हो गई है। छोटे भाई लक्ष्मण नौंवी तो गंगेश्वर सातवीं कक्षा का छात्र है। पिता हाटा में ट्रक मैकेनिक हैं। बीए तक पढ़ाई करने के बाद सुनीता ने घर का खर्च चलाने के लिए नौकरी शुरू की। उसने पहले हाटा में एक नर्सिंगहोम में काम किया। वहां से सात जनवरी को गोरखपुर आई थी।
आखिरी बार भाई से हुई थी बात
शुक्रवार की शाम करीब 7:20 बजे सुनीता की अपने छोटे भाई लक्ष्मण से बात हुई थी। बातचीत में भाई ने अंग्रेजी की बुक न होने की बात कही थी। सुनीता ने कहा था कि शनिवार की शाम को वह बुक लेकर घर आएगी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वह गरीब हैं। सुनीता ही भाइयों की पढ़ाई का खर्च उठा रही थी।