गोरखपुर-लखनऊ हाईवे से गुजर रहे एक मिनी ट्रक में बैठीं महिलाएं, पुरुषों और बच्चों के अगवा होने की खबर से रविवार को हड़कंप मच गया। किसी ने उनकी तस्वीर खींचकर उनके अगवा होने की खबर वायरल कर दी थी। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने तस्वीर देखते ही जिले में नाकाबंदी करा दी। कौड़ीराम के पास मिनी ट्रक पकड़ा गया तो पता चला कि उसमें बैठे सभी लोग पीलीभीत से आ रहे थे और वे एक ईंट भट्टे पर मजदूरी करने जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने राहत की सांस ली और नाम-पता नोट कर उन्हें छोड़ दिया।
कौड़ीराम प्रतिनिधि के मुताबिक रविवार दोपहर ढाई बजे के करीब एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया गया, जिसमें एक मिनी ट्रक में 13 महिलाएं, 18 पुरुष और 28 बच्चे बैठे थे। फोटो के साथ यह भी बताया गया कि इनका अपहरण कर लिया गया है। यह खबर वायरल होते हुए पुलिस अफसरों तक पहुंची तो उनके होश उड़ गए और आननफानन पूरे जिले में चेकिंग शुरू कर दी गई। नंबर के आधार पर मिनी ट्रक कौड़ीराम के पास बांसगांव के थानेदार पकड़ लिया।
उन्होंने पूछताछ की तो पता चला कि वे सभी मजदूर हैं, जो ईंट भट्ठे पर काम करने जा रहे थे। उन्होंने ईंट भट्ठे और उसके मालिक का नाम भी बताया। सूचना पर ईट भट्ठे के मालिक एवं भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष मार्कंडेय राय भी मौके पर पहुंच गए। इसके बाद अफसरों को भी इसकी जानकारी भेजी गई और पुलिस ने राहत की सांस ली।