गोरखपुर।
रंगदारी न देने पर शहर में मेट्रो का सर्वे करने आए श्वेता टेक्नोफाइल के कर्मचारी का अपहरण कर लूटपाट का मामला सामने आया है। आरोप गोरखपुर यूनिवर्सिटी के छात्रनेता अनिल त्रिपाठी और उनके साथियों पर है। पुलिस ने कर्मचारी की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
शहर में मेट्रो के लिए राइट्स कंपनी सर्वे करा रही है। गाजियाबाद की कंपनी श्वेता टेक्नोफाइल को सर्वे करने का जिम्मा दिया गया है। कंपनी की ओर से मैनपुरी के नगरिया वेडरी निवासी मनीष कुमार सर्वे के लिए गोरखपुर आए हैं। मनीष का आरोप है कि 27 जून की शाम चार बजे वह अंबेडकर चौराहे के पास सर्वे करा रहे थे। साथियों के साथ आए छात्रनेता अनिल त्रिपाठी छात्रसंघ कार्यालय में उठा ले गए। पिटाई कर जेब में रखे 12 हजार रुपये व मोबाइल छीन लिए। जान से मारने की धमकी देकर अपने साथी के साथ एटीएम भेजकर खाते से भी दस हजार रुपये निकाल लिए। आरोप है कि रात आठ बजे तक उन्हें कार्यालय में बंधक बनाकर रखा गया था। काफी मिन्नत करने पर पुलिस में शिकायत न करने की धमकी देते हुए छोड़े थे। जैसे-तैसे छूटने के बाद मनीष ने घटना की जानकारी कैंट पुलिस को दी। पुलिस ने छात्रसंघ उपाध्यक्ष अनिल त्रिपाठी और उसके साथियों पर लूट, रंगदारी मांगने और धमकी देने का केस दर्ज कर लिया है।
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तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया गया है, लेकिन जांच में प्रथम दृष्टया आरोप गलत लग रहे हैं।
ओम हरि वाजपेयी, इंस्पेक्टर, कैंट