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व्यापारी हत्याकांड : नीरज की हत्या कर दूंगा, एसएसपी से कहा था रोहित ने

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पकड़ा गया आरोपी रोहित वर्मा। - फोटो : Amar Ujala
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दवा व्यापारी नीरज रामरायका से रुपये मांग-मांग कर थक चुका रोहित रकम के अभाव में कैंसर पीड़ित पिता का इलाज नहीं करा पा रहा था। इससे वह किस कदर परेशान था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उसने एक बार एसएसपी के सामने ही नाराजगी में यहां तक कह दिया था कि रुपये न मिले तो मैं नीरज की हत्या कर दूंगा। उसकी इस बात से एसएसपी भी दंग रह गए थे। गुस्सा होने के बाद भी उन्होंने उसे समझाते हुए तब कार्रवाई का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बाद भी पुलिस ने कुछ नहीं किया। अगर इस मामले में पहल हुई होती तो यह घटना टल सकती थी।
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करीब दो साल पहले एक प्रॉपर्टी खरीदने के लिए नीरज रामरायका को शाहपुर की गीता वर्मा ने 9.80 लाख रुपये दिए थे पर नीरज न रुपये लौटा रहे थे और न ही प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री कर रहे थे। बताया जाता है कि तब सौदा 42 लाख में तय हुआ था। एडवांस के तौर पर उन्हें 9.80 लाख रुपये दिए गए थे लेकिन बाद में नीरज ने प्रॉपर्टी की कीमत 70 लाख कर दी। इसी के बाद से दोनों में विवाद हो गया और रोहित रुपये मांगने लगा। रुपये न मिलने से परेशान गीता ने आईजी से भी गुहार लगाई थी और फिर 11 मई कोे कैंट थाने में नीरज के खिलाफ केस दर्ज कराया। केस दर्ज होने के कुछ दिन फिर रोहित डीएम के पास फरियाद लेकर पहुंचा। डीएम ने एसएसपी के पास भेज दिया। इसके बाद भी इस मामले में कुछ नहीं हुआ। अंतत: आजिज आकर रोहित ने नीरज की गोली मारकर हत्या कर दी। इस वारदात से पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली की पोल भी खुल गई। यदि इस मामले में पहले ही प्रभावी कार्रवाई की गई होती तो यह घटना टल सकती थी।

फोन पर एक सप्ताह से हो रही थी बहस
नीरज और रोहित के बीच एक हफ्ते से रुपये को लेकर तीखी बहस हो रही थी। रोहित ने कई बार सख्त लहजे में रुपये मांगे पर हर बार नीरज रुपये न होने की दलील देते रहे। पुलिस के अनुसार एक बार तो नीरज ने रुपये लेने से ही इंकार कर दिया था, लेकिन इसका साक्ष्य रोहित के पास पड़ा नीरज का चेक था। इसी वजह से नीरज ने टुकड़ों में रकम देने की बात कही थी। यह चेक नीरज ने दो महीने पहले रोहित को तब दिया था जब वह रुपये देने के लिए दबाव बना रहा था, मगर यह चेक बाउंस हो गया। इसी के बाद रोहित को नीरज की नीयत पर शक हो गया था। इसके बाद उसने अपनी मां गीता की तहरीर पर कैंट थाने में केस दर्ज कराया था।
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घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी
रोहित के पिता शशिभूषण पहले फोटो स्टूडियो चलाते थे, लेकिन कैंसर पीड़ित होने के बाद से वह कोई काम नहीं कर पा रहे थे। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। रोहित टैक्सी बुक करके घर का खर्च चलाता था। पिता के इलाज के लिए उसे रुपयों की सख्त जरूरत थी लेकिन रकम नीरज को दे चुका था।

कॉल डिटेल से पुलिस की राह हुई आसान
दवा व्यापारी नीरज के मोबाइल कॉल डिटेल से हत्यारे को पकड़ने में आसानी हुई। डिटेल खंगालने से पता चला कि शाहपुर के रोहित और दवा व्यापारी नीरज के बीच लंबी-लंबी बात हुई है। पुलिस की मानें तो ज्यादातर बात रकम के लेनदेन को लेकर हुई थी। इस दौरान एक-दूसरे को देख लेने, खत्म करने तक की धमकी दी गई।

15 दिन पहले फोन पर रोहित ने नहीं दी थी धमकी
वारदात वाले दिन नीरज की पत्नी पूनम ने 15 दिन पहले मोबाइल फोन पर हत्या की धमकी मिलने की बात पुलिस को बताई थी, लेकिन पुलिस की जांच में साफ हो गया है कि वह फोन रोहित ने नहीं बल्कि एक व्यापारी ने किया था जिसका नीरज से पुराना विवाद था।

कई लोगों से नीरज ने लिए थे रुपये
नीरज ने सूद के कारोबार में भी कई लोगों से रुपये लिए थे। बताया जाता है कि वह करीब 50 लाख रुपये के कर्ज में थे जिसे लेकर कई लोगों से उनका विवाद चल रहा था। इसी विवाद में उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिली थी।

शिकायत पर भी नहीं चेता था प्रशासन
दवा व्यापारी नीरज की पत्नी पूनम का कहना है कि प्रशासन को सब कुछ मालूम था, इसके बाद पति की हत्या हो गई। कई दिनों से उन्हें धमकी मिल रही थी जिसकी सूचना पुलिस प्रशासन को दी गई थी लेकिन पुलिस नहीं चेती। हत्या के बाद से परिवार में पुलिस के खिलाफ आक्रोश है। परिवार का यही मानना है कि पुलिस ने यदि पहले सख्ती दिखाई होती तो नीरज की हत्या न होती।

परिवार को संतुष्ट करने बाद ही सामने आए अफसर
मीडिया से मुखातिब होने से पहले पहले आईजी मोहित अग्रवाल, एसएसपी आरपी पांडेय ने परिवार वालों से मुलाकात की थी। उन्हें हत्या के पर्दाफाश के बारे में पूरी जानकारी दी गई। परिवार के संतुष्ट होने के बाद ही एसएसपी ने मीडिया के सामने आकर घटना का पर्दाफाश किया।
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