गोरखपुर। पीपीगंज इलाके में बृहस्पतिवार को दो युवतियों की शादी के अरमान धरे के धरे रह गए। एक जगह बारात लेकर पहुंचा दूल्हा शराब के नशे में झूमने लगा। दूसरी जगह बारात छोड़ दूल्हा प्रेमिका के पास भाग गया। दोनों बारात बैरंग लौट गई। एक जगह तो नाराज लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हा और उसके पिता को बंधक बना लिया। दोनों मामलों में थाने में पंचायत के बाद लड़की पक्ष को खर्च की रकम वापस करने पर सुलह हुई।
दुल्हन हुई नाराज, किया शादी से इन्कार
जंगल कौड़िया। पीपीगंज के जरहद गांव में बारात लेकर पहुंचे दूल्हे को मंडप में शराब के नशे में झूमते देख दुल्हन खफा गई। समझाने के बाद वह थोड़ी देर तक तो शांत रही, लेकिन द्वारपूजा के दौरान ही दूल्हे के सिगरेट पीने और छेड़खानी करने पर उसने शादी से इन्कार कर दिया। दुल्हन पक्ष के लोगों ने दूल्हे और उसके पिता को बंधक बना लिया। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंच गई। थाने में पंचायत के बाद तय हुआ कि शादी नहीं होगी और लड़की पक्ष को दूल्हे वाले शादी में हुआ खर्च लौटाएंगे।
कैंपियरगंज के तिलहवा गांव के रामानंद यादव के बेटे अखिलेश यादव सीआईएफएस में हैं। उनकी शादी जरहद गांव निवासी जयप्रकाश यादव की बेटी काजल के साथ तय हुई थी। बारात धूमधाम से बृहस्पतिवार को जयप्रकाश के दरवाजे पर पहुंची। कन्या पक्ष के लोग भी बारातियों की आवभगत में जुटे थे। आरोप है कि इसी बीच अखिलेश ने छककर शराब पी ली। द्वारपूजा में वह जैसे-तैसे झूमते हुए पहुंचा। किसी तरह द्वारपूजा का कार्यक्रम पूरा कराया गया। वह किस कदर धुत था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि द्वारपूजा के बाद वह खड़ा नहीं हो पा रहा था। यही नहीं, उसने मंडप में ही सिगरेट जलाई और छेड़खानी करने लगा। उसकी हरकतें देख दुल्हन ने शादी से इन्कार कर दिया।
प्रेम संबंध के चलते दूल्हा नहीं हुआ राजी
जंगल कौड़िया। पीपीगंज के भरवल गांव के सहजुआ टोला में भी बारात धूमधाम से पहुंची। बारातियों की अगवानी में माला लिए खड़े दुल्हन पक्ष के लोगों को जब पता चला कि दूल्हा बारात में है ही नहीं, तो उनकी पैरों तले जमीन खिसक गई। रिश्तेदार और घरवालों ने जब दूल्हे की तलाश की तो पता चला कि वह फरार होकर अपनी प्रेमिका के पास पहुंच गया। इसके बाद जमकर हंगामा हुआ। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को लेकर थाने आ गई। वहां पंचायत के बाद कन्या पक्ष को खर्च की रकम देने पर समझौता हुआ।
सहजुआ निवासी लल्लन निषाद की पुत्री साधना की शादी नोतनवां के चकदह ग्राम के लाहौर निषाद के पुत्र द्वारिका से तय हुई थी। बृहस्पतिवार को बारात तो पहुंची, लेकिन दूल्हा ही नहीं था। चिंतित कन्या के घर वाले दूल्हे के बारे में पूछताछ करने लगे। उस समय दूल्हे के चाचा ने बताया कि वह रास्ते में है। ऐसे में कन्या पक्ष के लोग बारातियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था करने में जुट गए। कुछ देर बाद कन्या पक्ष को पता चला कि दूल्हा पीपीगंज कस्बे में है तो लोग वहां पहुंचे, लेकिन उसने शादी से इन्कार कर दिया। बाद में पता चला कि दूल्हे का दो साल से अपनी भाभी की बहन से संबंध है। वह उसी से शादी करना चाहता है। इसके बाद थाने में दोनों पक्षों में समझौता हुआ। तय हुआ कि शादी में कन्या पक्ष की खर्च धनराशि वर पक्ष लौटाएगा।