पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया।
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सिकरीगंज के फरेंदिया बुजुर्ग गांव में युवक विनय सिंह की हत्या के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के मुताबिक पुश्तैनी जमीन की लालच में चचेरे भाई ने ही विनय की हत्या की थी। पुलिस ने हत्यारोपी को शुक्रवार दोपहर उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार को एसपी साउथ ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी ने बताया की विनय सिंह (18) पुत्र रामप्रताप की हत्या उसके चचेरे भाई विवेक सिंह ने हंसिया से वार करके की है। एसपी ने बताया कि हत्यारोपी विवेक की दादी ने अपने नाम की साढ़े चार बीघा जमीन को सिर्फ अपने दो बेटों कृष्णपाल और रामप्रताप के पुत्रों के नाम कर दिया था। पिता उदयभान और खुद को जमीन न मिलने से विवेक अपने चचेरे भाइयों से रंजिश रखने लगा।
एसपी साउथ ने बताया कि विवेक ने तीन अप्रैल की रात करीब नौ बजे अपने से सात माह छोटे चचेरे भाईविनय को शौच के बहाने घर के पीछे गेहूं के खेत में ले गया और हंसिया से गर्दन पर वार कर हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को वहीं खेत में छोड़कर विवेक घर चला आया। पुलिस ने शुक्रवार को विवेक को उसके घर से गिरफ्तार कर घटना में इस्तेमाल हंसिया और खून से सना लोवर बरामद कर लिया।
हत्या के बाद मां-बहन को धमकाया था, अब हो रहा पछतावा
पकड़े जाने के बाद हत्यारोपी विवेक की आंखों से आंसू बह रहे हैं। उसे अपने किए पर पछतावा हो रहा है। वह बार-बार कह रहा था कि उससे बहुत बड़ी गलती हो गई। उसने बताया कि घटना के समय उसके दिमाग में यह बात थी कि विनय की हत्या कर देने के बाद जमीन उसे मिल जाएगी। वहीं पुलिस कार्यालय में आई विवेक की मां और बहन ने बताया कि हत्या के बाद घर आकर विवेक ने उनको चुप रहने के लिए धमकी दी थी।
फौजी सच्चिदानंद ने दिखाई दरियादिली
एक भाई विवेक है, जिस पर थोड़ी सी जमीन के लिए चचेरे भाई विनय का कत्ल कर देने का आरोप है। दूसरी ओर विनय के बड़े भाई सच्चिदानंद हैं, जिन्होंने सारे रंज-ओ-गम भुलाकर रिश्ते को तरजीह देने की ठानी है। शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में आए सच्चिदानंद ने कहा कि भले ही विवेक ने उनके भाई की जान ले ली, पर उसकी (विवेक की) बहन की शादी वह खुद कराएंगे। सच्चिदानंद ने कहा कि वह हमारी भी बहन है। सच्चिदानंद बीएसएफ में सिपाही हैं। न्यू जलपाईगुड़ी में उनकी तैनाती है। उनका कहना है कि विवेक के एक भाई की पहले ही मौत हो चुकी है। अब विवेक जेल में चला गया। इस लिए अब उन्हें बहन के लिए सगे भाई का फर्ज निभाना है। पुलिस कार्यालय से सच्चिदानंद अपनी चचेरी बहन को साथ लेकर घर गए।