गोरखपुर। मानव तस्करी की आशंका में बृहस्पतिवार की देर रात गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर अवध एक्सप्रेस से उतारी गईं बिहार की 26 लड़कियों को शनिवार को गोरखपुर चाइल्ड लाइन से पश्चिमी चंपारण बिहार चाइल्ड लाइन भेज दिया गया। जांच के लिए नरकटियागंज और आगरा रवाना हुईं जीआरपी की टीमें गोरखपुर नहीं लौटीं। दोनों टीमों की जांच में अगर यह पुष्ट होता है कि शुक्रवार को जिन लोगों ने लड़कियों के परिजन होने का दावा किया था, वे सही हैं तो कोई केस दर्ज नहीं किया जाएगा।
शुक्रवार को कुछ लोग जीआरपी थाने पहुंचे थे। उन्होंने खुद को लड़कियों का परिजन बताते हुए उन्हें आगरा के एक मदरसे में पढ़ने भेजे जाने की बात कही थी। उन्होंने लड़कियों की सुपुर्दगी भी मांगी थी। गोरखपुर चाइल्ड लाइन के अधिकारियों ने कहा कि सीडब्ल्यूसी (चाइल्ड वेलफेयर कमेटी) की जांच में परिजनों की पहचान पुष्ट होने पर ही सोमवार को लड़कियों को उन्हें सौंपा जाएगा। जीआरपी इंस्पेक्टर ने बताया कि आगरा पढ़ने भेजने की बात सही साबित होने पर कोई केस नहीं दर्ज किया जाएगा। शनिवार को चाइल्ड लाइन के कोआर्डिनेटर, चाइल्ड वेलफेयर सोसाइटी, जीआरपी और पुलिस की टीम के साथ बसे से लड़कियों को भेजा गया है।
सराहना पा रहे सूचना देने वाले आदर्श
अवध एक्सप्रेस में 26 लड़कियों के हावभाव से उनके असुरक्षित होने का अंदेशा होने पर ट्रेन के यात्री आदर्श श्रीवास्तव ने प्रधानमंत्री, पीएमओ, रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को ट्वीट कर जानकारी दी थी। इस सतर्कता के लिए ट्विटर और अन्य सोशल साइट्स पर आदर्श श्रीवास्तव की खूब सराहना हो रही है। उनकी सूचना पर जीआरपी ने 26 लड़कियों को ट्रेन से उतारने के साथ ही उन्हें लेकर जा रहे शेख अशरफ और सफदर को हिरासत में ले लिया था।