न्यायिक सेवा में ग्रुप सी और डी की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश पर एसटीएफ ने रविवार को 13 लोगों की धरपकड़ की है। इनमें एक स्कूल के प्रबंधक भी शामिल हैं, जिनपर व्हाट्स एप से पेपर की तस्वीर बाहर भेजकर सही हल अभ्यर्थियों तक पहुंचाने और मुख्य अभ्यर्थी की जगह दूसरे (सॉल्वर)से पेपर दिलवाने जैसे गंभीर आरोप हैं। बाकी में से कुछ पर दूसरे की जगह परीक्षा देने के तो कुछ पर केंद्र व्यवस्थापक से मिलीभगत कर परीक्षा की समय सीमा समाप्त होने पर सवालों के सही हल से कॉपी पूरी कराने का जिम्मा लेने का आरोप है। यह कार्रवाई एक दिन पहले इलाहाबाद में पेपर सॉल्वर गैंग के एसटीएफ के हत्थे चढ़ने की अगली कड़ी मानी जा रही है।
एसटीएफ के एडिशनल एसपी अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि खुफिया जानकारी से सतर्क एसटीएफ की टीम ने भटहट के बीएम सिंह मेमोरियल विद्यालय में परीक्षा के दौरान विद्यालय प्रबंधक संजय सिंह को मोबाइल फोन के साथ पकड़ा। उनके मोबाइल फोन पर व्हाट्स एप के जरिए पेपर की फोटो भेजने और बदले में सही जवाब मिलने के प्रमाण मौजूद थे।
एक टीम ने शाहपुर के एक स्कूल में छापा मारा गया। यहां पर दूसरे की जगह पर परीक्षा दे रहे एक शख्स (सॉल्वर) को पकड़ा। साथ ही बाहर मौजूद असल परीक्षार्थी और सॉल्वर के सहयोगी को भी पकड़ लिया। इन लोगों को दूसरे स्थान पर ले जाकर की गई पूछताछ में एसटीएफ को कुछ और ऐसे लोगों की जानकारी मिली, जिन्होंने इस परीक्षा में गड़बड़ी करने में भूमिका निभाई थी। इसके बाद की छापेमारी में एसटीएफ के हत्थे 10 लोग और चढ़े, जिनमें सॉल्वर के अलावा कुछ ऐसे भी हैं, जिन्होंने केंद्र व्यवस्थापक से मिलीभगत कर परीक्षा का समय पूरा करने के बाद पेपर हल कराने के नाम पर मोटी रकम पकड़ी थी।
एसटीएफ के हत्थे चढ़े लोग
परीक्षा में गड़बड़ी पर संजय सिंह, अभिषेक सिंह, अमित कुमार, श्याम सिंह उर्फ अनुज सिंह, चंदन कुमार, गोविंद कुमार, मन्नू गुप्ता, मुबारक अली, राहुल कुमार, राजी उल्लाह, राम प्रवेश, संदीप कुमार गुप्ता, सिजाजुद्दीन को पकड़ा है। एसटीएफ के मुताबिक देर रात तक पूछताछ पूरी करने के बाद अदालत के समक्ष पेशी के बाद जेल भेजा जाएगा।
हाईकोर्ट को भेजी जाएगी रिपोर्ट
एसटीएफ के एडिशनल एसपी अरविंद चतुर्वेदी ने बताया कि परीक्षा में गड़बड़ी करने वाले लोगों की गिरफ्तारी और इनकी भूमिका बयां करती रिपोर्ट रिपोर्ट हाईकोर्ट को भेजी जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बस्ती में पकड़ा फर्जी परीक्षार्थी
न्यायिक सेवा में ग्रुप सी और डी के लिए रविवार को हुई परीक्षा के दौरान फर्जी आईडी से दूसरे की जगह परीक्षा देने में बिहार के राकेश कुमार को पकड़ा है। थाने के प्रभारी निरीक्षक नगर डीके मिश्र ने बताया कि उस पर धोखाधड़ी के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। संदीप कुमार नामक उस लड़के की तलाश की जा रही है, जिसके स्थान पर वह परीक्षा दे रहा था। फर्जी परीक्षार्थी को करमादेवी महाविद्यालय फुटहिया केंद्र पर आंतरिक सचल दल इंचार्ज डॉ. राजकुमार पाठक की चेकिंग के दौरान पकड़ा।
दो से तीन लाख में तय हुआ था सौदा
हाईकोर्ट की ग्रुप सी और डी की भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी की कोशिश में एसटीएफ के हत्थे चढ़े 13 लोगों से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। एसटीएफ के एडिशन एसपी ने बताया कि पकड़ में आए लोगों में सॉल्वर और असल परीक्षार्थी के बयानों से साफ हुआ है कि इस धंधे में लगे लोगों ने पास कराने के नाम पर प्रति परीक्षार्थी दो से तीन लाख रुपये की डील की थी। इस सौदेबाजी में कुछ रकम चेक के जरिए वसूली की गई थी, जबकि कुछ मामलों में नकद एडवांस रकम लेने के संकेत हैं। तीन तरीके से परीक्षा प्रभावित करने की कोशिश करने वालों ने धांधली के तरीके के लिहाज से रेट तय कर रखे थे। सॉल्वर उपलब्ध कराने, परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी को सवाल का सही हल उपलब्ध कराने और परीक्षा पूरी होने के बाद केंद्र व्यवस्थापक की मिली भगत से पेपर पूरा कराने के अलग-अलग विकल्पों में सबसे ज्यादा कीमत अंतिम विकल्प की थी।
पकड़ में आए लोगों से मिली जानकारी के जरिए एसटीएफ आने वाले दिनों में कुछ और लोगों को गिरफ्त में ले सकती है। बिहार के कुछ युवकों के शामिल होने के संकेत के आधार पर एक टीम आने वाले दिनों में बिहार पुलिस से मिलकर वहां भी छापेमारी कर सकती है।
ओएमआर शीट, बायोमीट्रिक मशीन भी मिली
एसटीएफ के एडिशन एसपी के मुताबिक पेपर में गड़बड़ी करने के आरोप में पकड़े गए लोगों से 94 हजार रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, चार बाइक, एक ओएमआर शीट, 9 आधार कार्ड, पांच पैन कार्ड, 20 एटीएम कार्ड, पांच ड्राइविंग लाइसेंस, पांच वोटर आईडी, एक प्रवेश पत्र, बायोमीट्रिक मशीन बरामद हुई है।