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मनीष भंडारी की जमानत अर्जी खारिज
बीआरडी कांड : नामजद आरोपियों में पुष्पा सेल्स के मालिक भी हैं शामिल
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। बीआरडी कांड में अभियुक्त पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम राकेश धर दुबे ने खारिज कर दी। इसके पूर्व निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा की पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला की जमानत भी खारिज हो चुकी है।
अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी इंदल यादव व एडीजीसी एचएन यादव ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि बीआरडी में ऑक्सीजन सप्लाई की जिम्मेदारी पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड को थी, लेकिन कंपनी ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया। कंपनी ने तीन अगस्त 2017 को ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी जो सदोष मानव वध की श्रेणी में आता है। इसलिए अभियुक्त को जमानत पाने का अधिकार नहीं है। अभियुक्त के खिलाफ आपराधिक साजिश सहित कई धाराओं में केस दर्ज है। अभियुक्त के अधिवक्ता ने बचाव में कहा कि उनके खिलाफ उक्त अपराध का कोई साक्ष्य अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया इसलिए वह जमानत पाने का हकदार है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी।
इनसेट
यह है मामला
ऑक्सीजन की कमी के बीच मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के मामले में जांच के बाद महानिदेशक चिकित्सा, शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुलिस ने हजरतगंज थाने में 23 अगस्त को निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्र, उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कफील खान, सहायक लेखाकार संजय त्रिपाठी, चीफ फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल, उदय शर्मा और सुधीर पांडेय के खिलाफ केस दर्ज किया था। इस मामले में सभी आरोपी जेल में बंद हैं।