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पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर कराई थी पति की हत्या

Sun, 01 Apr 2018 07:36 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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पति की हत्या मामले में गिरफ्तार पत्नी और उसके प्रेमी। - फोटो : Amar Ujala
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चिलुआताल के कोइलहवा में व्यापारी विनोद शर्मा की हत्या का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस के अनुसार पत्नी आशा ने प्रेमी और ऑटो चालक से पति की हत्या कराई थी। पुलिस ने आरोपी महिला शिक्षक और उसके दो प्रेमियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। पूछताछ में पता चला कि कुशीनगर के अहिरौली में स्कूल जाते-आते समय ही महिला की व्यापारी से मुलाकात हो गई थी। व्यापारी ने ही उसके आने-जाने के लिए ऑटो की व्यवस्था की थी। ऑटो चालक से भी महिला की काफी नजदीकी हो गई थी। रविवार को पुलिस ने झुंगिया फर्टिलाइजर मोड़ से आरोपियों की गिरफ्तारी की।
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पुलिस लाइंस सभागार में एसएसपी शलभ माथुर ने बताया कि मृतक व्यापारी विनोद शर्मा की पत्नी अहिरौली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है। आशा का प्रेम संबंध पिपराइच निवासी व्यापारी अनूप मोदनवाल से हो गया। दोनों के बीच गहरी दोस्ती होने के बाद अनूप ने पिपराइच के संदीप का आशा से संपर्क कराया। संदीप ऑटो चलाता था। फिर आशा उसके ही ऑटो से आती-जाती थी। पति को आशा के संबंध की जानकारी हो गई थी। पति आशा पर पाबंदी लगाने लगा था। इससे नाराज पत्नी आशा ने प्रेमी अनूप के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।

एसएसपी ने बताया कि 30 मार्च की शाम जब आशा के पति विनोद शर्मा दुकान बंद कर घर आया तो तय योजना के मुताबिक आशा ने मीट लाने उसे बाजार भेज दिया। इसके बाद आशा ने अपने मोबाइल फोन से कॉल कर प्रेमी अनूप और ऑटो चालक संदीप को बुला लिया। आशा के फोन के बाद उसी रात करीब आठ बजे अनूप और संदीप विनोद के घर से करीब 250 मीटर पहले रास्ते मे एक सुनसान और अंधेरे जगह पर स्थित बाउंड्री के पास घात लगाकर छिप गए। विनोद के आते ही दोनों चाकुओं से हमला कर दिया।
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विनोद की मौत हो गई। उसके बाद दोनों बाइक से भागते समय चाकू और कपड़े तेनुहिया पोखरे के पास मलवा में छिपा दिया। एसएसपी ने बताया कि घटना में विनोद की पत्नी आशा की भूमिका पाए जाने के बाद धारा 302 के साथ धारा 120 बी और आर्म्स एक्ट की धरा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल दो खून लगे चाकुओं और खून से सने दोनों के कपड़े, तीन मोबाइल फोन व बाइक को बरामद किया है।

समान खरीदने के दौरान हुई थी पहचान
मृतक विनोद की पत्नी आशा रोजाना कुशीनगर पढ़ाने आती जाती थी। पड़री बाजार से वह ऑटो पकड़ती थी। वहीं पिपराइच में अनूप की दुकान है। करीब 14 महीने वह सामान खरीदने के लिए अनूप की दुकान पर गई थी और फिर दोनों में जान पहचान हो गई। थोड़े ही समय में जान पहचान नजदीकी में बदल गई और मोबाइल पर बात होने लगी। फिर उसने ही ऑटो चालक संदीप से मुलाकात करा दी। आशा उसी के ऑटो से आती-जाती थी।

दो बच्चों की मां है हत्यारोपी पत्नी
आशा की शादी विनोद के साथ करीब 14 साल पहले हुई थी। दोनों के दो बेटे रणवीर (13) और अर्पित (10) हैं। पिता की हत्या और मां के जेल जाने के बाद दोनों की परवरिश को लेकर संकट आ गया है।

पहले भी हो चुके हैं पति-पत्नी के रिश्ते के कत्ल
रविवार को व्यापारी विनोद शर्मा की हत्या के खुलासे ने एक बार फिर रिश्तों के कत्ल की याद ताजा कर दी। इसके पहले भी शहर में ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें पति की हत्या में पत्नी जेल में हैं। 20 जनवरी 2016 को देर रात शाहपुर में डॉ. ओमप्रकाश यादव और चार वर्ष के मासूम बेटे शिवा की हत्या हुई। डॉ. ओमप्रकाश की पत्नी अर्चना पर अपने प्रेमी शिकोहाबाद निवासी अजय यादव के साथ दोनों हत्याएं कराने का केस दर्ज हुआ। 23 अप्रैल 2017 की रात कैंट थाना क्षेत्र के बिसुनपुरवा गिरधरगंज में सुषमा सिंह पर शादी से पहले के प्रेमी गौरी बाजरा निवासी डब्लू उर्फ कामेश्वर और उसके मित्र अनिल मौर्य तथा सुनील तेली के साथ मिलकर घर में ही पति की हत्या कराने में केस दर्ज हुआ। यह महिला भी पांच साल के बेटे की मां है। पांच मार्च 2018 को सहजनवां में दो भाइयों के जले शव मिले थे। जांच के बाद यह बात सामने आई कि दोनों शव सिद्धार्थनगर के चिल्हिया निवासी विजय सिंह और दिनेश सिंह के थे। विजय की पत्नी पर ही प्रेमी शिवनाथ के साथ मिलकर पति और देवर की हत्या कराने में केस दर्ज हुआ।
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