भ्रूण का लिंग परीक्षण करने में अल्ट्रासाउंड सेंटर सील
एसडीएम की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बड़हलगंज के हास्पिटल पर की छापामारी
संचालक और चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
बडहलगंज (गोरखपुर)। उपजिलाधिकारी गोला और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अभियान के तहत बुधवार को उपनगर के पटना चैराहे के समीप स्थित ओंकार हास्पिटल पर छापा मारा। वहां अवैध तरीके से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर में गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग परीक्षण करते पाया गया। वहीं 12 गर्भवती महिलाओं को ऑपरेशन के लिए भर्ती किया गया था। हास्पिटल संचालक मौके से फरार हो गया। हास्पिटल का रजिस्ट्रेशन अथवा डॉक्टर की डिग्री न मिलने पर प्रशासन ने आपरेशन थिएटर और अल्ट्रासाउंड सेंटर को सील कर दिया। संचालक और कथित चिकित्सक पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने का आदेश स्वास्थ्य विभाग को दिया गया है।
उपजिलाधिकारी गोला अरुण सिंह की अगुवाई में सीएचसी गोला के अधीक्षक डॉ. डीके सिंह और चिकित्साधिकारी डॉ. हर्ष पांडेय के साथ दोपहर एक बजे ओंकार हास्पिटल पर पहुंचे। छापेमारी के दौरान स्वयं को चिकित्सक बताने वाली हास्पिटल संचालन की पत्नी एक महिला का अल्ट्रासाउंड के गर्भवती महिला की जांच करती मिली। टीम के मुताबिक गर्भ में पल रहे भ्रूण का लिंग परीक्षण किया जा रहा था। हास्पिटल में ऑपरेशन के लिए कई महिलाएं भर्ती की गई थीं। दो चिकित्सक मिले, जिनमें से एक अस्पताल संचालक वीरेंद्र साहनी की डिग्री आयुष की थी। जबकि दूसरे चिकित्सक डॉ शैलेंद्र केवट ने बताया कि उनकी डिग्री इलेक्ट्रो होम्योपैथी की है। अल्ट्रासाउंड कर रही सीमा सिंह के पास किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय डिग्री नहीं मिली। उसके बाद एसडीएम ने ऑपरेशन थियेटर और अल्ट्रासाउंड कक्ष को सीज कर दिया। साथ ही तीमारदारों को अपने-अपने मरीजों को अन्य अस्पताल में भर्ती कराने का निर्देश दिया। वहीं हास्पिटल संचालक डॉ वीरेंद्र साहनी का कहना है कि उनके वहां गोरखपुर के सर्जन आकर ऑपरेशन करते हैं। उन्होंने कहा कि अल्ट्रासाउंड मशीन से लिंग परीक्षण नहीं किया जाता है।
दूसरी ओर एसडीएम अरुण सिंह ने बताया कि अस्पताल से संबंधित किसी भी प्रकार का रजिस्ट्रेशन अथवा चिकित्सक की डिग्री नहीं मिली है। अल्ट्रासाउंड मशीन के महिला के गर्भ में पल रहे भ्रूण के लिंग की जांच की जा रही थी। वहां पर बिना सर्जन के ही संचालक की ओर से आपरेशन करने की जानकारी मिली। उसके बाद सीएचसी के अधीक्षक डॉ डीके सिंह को अस्पताल संचालक और कथित चिकित्सकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दे दिया गया है। मरीजों के हटने के बाद अस्पताल को सीज कर दिया जाएगा।
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बडहलगंज में अभी भी चल रहे दर्जनों अवैध नर्सिंग होम
बडहलगंज। उपनगर ऐसे अस्पतालों का हब बन चुका है। रजिस्टर्ड नर्सिंग होम की आड़ में लगभग एक दर्जन अवैध नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। दूर दराज के चिकित्सकों के नाम और उनकी डिग्रियों का सहारा लेकर ऐसे नर्सिंग होम में मरीजों का आर्थिक शोषण और उनकी सेहत से खिलवाड़ किया जाता है। समय-समय पर ऐसे नर्सिंग होम पकडे़ भी गए, मगर बाद में सब कुछ ठंडे बस्ते के हवाले हो गया।