Criminal cases registered against CMs
गोरखपुर। राजन अपने पिता रामअशीष तिवारी की हत्या में आरोपी बनाए गए लोगों को खुद ही सजा देना चाहता है। इस मामले में रंजीत और संतोष तिवारी को कोर्ट ने दोषी नहीं पाया था और वे रिहा कर दिए गए। लेकिन राजन को लगता है कि गुनाहगार ये ही हैं। उसके नाम दर्ज तीन अपराधों में से दो संतोष और रंजीत को गोली मारने का है।
18 अगस्त को राजन ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दिया। इसके बाद से ही उसकी तलाश तेज हो गई। फरारी के दौरान एसएसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस पर हमले के दौरान राजन के साथ विमुटी गांव का मयंक उर्फ मैक्स और नितिन भी थे। दस हजार के इनामी मैक्स ने जून में कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था जबकि नितिन को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। हालांकि राजन के साथ अब भी उसका एक साथी रहता था। आशंका है कि मंगलवार को इसी के साथ वह कोई वारदात करने गांव जा रहा था।
गिरफ्तारी के लिए लगाई गईं तीन टीमें
मुठभेड़ के दौरान राजन तिवारी का साथी बाइक लेकर फरार हो गया। उसकी तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। एसएसपी शलभ माथुर का कहना है कि जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
चार बार पहले भी बदमाशों के पैर में लग चुकी है गोली
2 फरवरी 2018 : नई बाजार के व्यापारी दिनेश गुप्ता की दुकान में घुसकर हत्या करने के आरोपी मनीष यादव, मनोज यादव को पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी।
9 जून 2018: खोराबार के सिक्टौर में पुलिस मुठभेड़ में शातिर लुटेरे अमित को पैर में गोली लगी थी।
24 जुलाई 2018 : खोराबार के कुसम्ही क्रॉसिंग के पास मुठभेड़ में डिप्टी रेंजर पर फायरिंग करने वाले बदमाश शिवसरन को गोली लगी थी।
11 अगस्त 2018 : झंगहा के दुबियारी पुल पर अच्छेलाल यादव के साथी इनामी बदमाश हरिओम कश्यप को पैर में गोली लगी थी।