गोरखपुर। मंडलीय कारागार में बंद हत्यारोपी पति से मिलने पहुंची महिला के पर्स से कारतूस निकलने पर जेल में हड़कंप मच गया। कारतूसों के साथ जेल पहुंचने की वजह का संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुलिस ने महिला को गिरफ्तार कर लिया, हालांकि कुछ देर बाद जमानत पर रिहाई हो गई। पुलिस ने तलाशी में मिले 32 बोर के दो कारतूस जब्त कर लिए हैं।
पादरी बाजार प्रतिनिधि के मुताबिक बांसगांव थाना क्षेत्र के कनइचा गांव निवासी एवं पूर्व प्रधान दीपक राय हत्या के मामले में जेल में बंद हैं। दीपक से जेल में मुलाकात करने उनकी पत्नी पूनम रविवार की सुबह जेल पहुंचीं। गेट पर चेकिंग के दौरान महिला बंदीरक्षक को पूनम के पर्स से 32 बोर के दो कारतूस मिले। इस जानकारी से हड़कंप में आए जेल अफसरों ने पुलिस को सूचना दी। जेल अफसरों की मौजूदगी में शाहपुर पुलिस ने पूछताछ की तो महिला ने परिवार के सदस्य के लाइसेंसी असलहे के कारतूस शादी के दौरान पर्स में रखने और धोखे से वही पर्स जेल ले आने का बचाव रखा। हिरासत में लेकर पुलिस ने बताए गए तथ्यों की पड़ताल शुरू की तो शस्त्र लाइसेंस वाला परिवार का सदस्य ही स्पष्ट नहीं हो सका।
शाहपुर थाने के इंसपेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि केस दर्ज करके महिला को गिरफ्तार कर लिया। बाद में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया, जहां से जमानत पर रिहाई हो गई। जेल तक कारतूस लाने के संभावित कारणों को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
महिला ने पहले देवर की लाइसेंसी पिस्टल के कारतूस होने की बात कही। पुष्ट न होने पर देवर के दोस्त की पिस्टल का हवाला दिया। देवर द्वारा पिछले दिनों एक शादी समारोह में हर्ष फायरिंग करने की बात भी कही। कारतूस जेल तक जाने का सही मकसद जानने के लिए जांच की जा रही है।
- चारु निगम, सीओ, कैंट