गोरखपुर। गगहा इलाके में जहरखुरानी का शिकार होकर लुट जाने की सूचना देने वाले सिपाही दुर्गेश यादव को शुक्रवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। वहां से सिपाही को जेल भेज दिया गया। गायब कारबाइन बरामद नहीं हुई है। कारबाइन की तलाश में एसएसपी डॉ. सुनील गुप्ता ने दो टीम बनाई है। टीम अयोध्या और लखनऊ गई है। पुलिस के मुताबिक लखनऊ से निकलने के बाद सिपाही अयोध्या में रुका था। रास्ते में लगे एक सीसीटीवी के फुटेज में उसे देखा गया है, लेकिन कारबाइन नहीं दिखी। सिपाही दुर्गेश पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी के गनर हैं।
बड़हलगंज के खड़ेसरी के बेदौली खुर्द निवासी दुर्गेश यादव बुधवार को गगहा के भलुवास के पास सड़क के किनारे मिले थे। सिपाही ने जहरखुरानी की जानकारी दी थी। हालांकि पुलिस ने जांच शुरू की तो गनर की भूमिका ही संदेह के घेरे में आ गई। चिकित्सकीय जांच में भी नशीला पदार्थ पिलाने या खिलाने की पुष्टि नहीं हुई थी। उसके बाद ही पता चला कि वह कारबाइन कहीं छोड़ आए हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस ने एसएसआई रमेश चंद्र राव की तहरीर पर विश्वास हनन का केस दुर्गेश पर दर्ज किया था। जिला अस्पताल में पुलिस की अभिरक्षा में दुर्गेश का इलाज हो रहा था। शुक्रवार की सुबह ठीक होने पर सिपाही को कोर्ट में पेश किया गया।