गोरखपुर। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के मुल्तान के रहने वाले आतंकवादी आदिल अंजुम को कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार की भोर में गोरखपुर से राजस्थान के जयपुर जेल में शिफ्ट करने के लिए रवाना किया गया। आगे की सजा वह जयपुर जेल में ही काटेगा। एक वर्ष पहले उसे लखनऊ से गोरखपुर जेल में शिफ्ट किया गया था।
मुल्तान के समीजाबाद में 37-ए गली नंबर दो का रहने वाला आदिल अंजुम 29 दिसंबर 2006 से जेल में बंद है। लखनऊ और जयपुर में किए गए अपराधों में कोर्ट ने उसे सजा सुनाई थी। उसके यूपी में किए गए जुर्म की सजा 2016 में पूरी हो गई है। लेकिन उस पर लगाया गया 34 हजार रुपये का जुर्माना नहीं जमा है। रकम न जमा करने की सूरत में आदिल को 2020 तक सजा काटनी है। शनिवार की भोर में करीब तीन बजे आदिल को लेकर निकली पुलिस टीम रविवार को जयपुर पहुंच गई। उसे जयपुर के जेल में दाखिल करने के बाद पुलिस और जेल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
लखनऊ में दर्ज थे दो केस
आदिल के खिलाफ वर्ष 2006 में लखनऊ के केसरबाग थाने में दो केस दर्ज हैं। एक आर्म्स एक्ट और दूसरा जालसाजी, साजिश रचने, युद्घ की परिकल्पना को आसान बनाने का प्रयास करने, शासकीय गुप्त अधिनियम, विदेशी अधिनियम सहित कई गंभीर धाराओं में है। जयपुर के मानपुर थाने में भी उस के खिलाफ चार केस दर्ज है। कुछ महीनों पहले जुर्माना माफ कर उसकी रिहाई का प्रस्ताव जेल प्रशासन ने सरकार के पास भेजा था। बाद में यूपी सरकार ने जुर्माना माफ कर उसकी रिहाई से मना कर दिया।
बंदियों को जेहाद के नाम पर बरगलाता था आदिल
लखनऊ जेेल में बंदियों को जेहाद के नाम पर बरगलाने में संलिप्तता पाए जाने पर आईएसआई एजेंट और आतंकी आदिल को गोरखपुर जेेल भेजा गया था। मई 2017 को गोरखपुर जेल लाए जाने पर उसे हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया था। उसे लखनऊ के केसरबाग थानाक्षेत्र से पकड़ा गया था। उसके पास से सेना से जुड़े दस्तावेज मिले थे। फर्जी पासपोर्ट के मामले में भी उसे सजा सुनाई गई थी।