महराजगंज और कुशीनगर के ध्यानार्थ
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मुठभेड़ में बिहार के दो इनामी बदमाश गिरफ्तार
गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर में छह महीने से छिपकर रह रहे थे दोनों
सीतामढ़ी, सहरसा के व्यापारी, डॉक्टरों में इन बदमाशों का बेहद खौफ था
राकेश पर 50 और सोनू पर 20 हजार रुपये का इनाम रखा गया था
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एसटीएफ गोरखपुर ने बुधवार की शाम रामगढ़ ताल के पास मुठभेड़ में बिहार के 50 हजार के इनामी राकेश यादव और 20 हजार के इनामी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ के मुताबिक व्यापारी, डॉक्टरों को धमकाने के साथ रंगदारी मांगने वाले ये बदमाश छह महीने से गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर में छिपकर रह रहे थे। अफरातफरी फैलाने के लिए गोरखपुर में वे गोली चलवा चुके हैं। सीतामढ़ी के राकेश यादव पर हत्या और हत्या के प्रयास सहित 24 मुकदमे दर्ज हैं।
सीतामढ़ी, बिहार के एसपी ने राकेश और सोनू की गिरफ्तारी के लिए यूपी एसटीएफ से मदद मांगी थी। इसी आधार पर एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने पुलिस उपाधीक्षक विनोद कुमार सिंह को इनपुट जुटाने को कहा। इसके बाद गोरखपुर इकाई को लगाया गया। छानबीन से पता चला कि बिहार के इनामी बदमाश गोरखपुर, महराजगंज और कुशीनगर में पहचान छिपाकर रहते हैं। खुद को विद्यार्थी बताकर ये मकान किराये पर लेते हैं और सहरसा, सीतामढ़ी के व्यापारी, डॉक्टरों से रंगदारी मांगते हैं। रंगदारी न देने पर अब तक कई व्यापारियों पर ये गोली चलवा चुके हैं।
बुधवार को एसटीएफ को सूचना मिली कि ये बदमाश चिड़ियाघर के पीछे रामगढ़ ताल की तरफ आने वाले हैं। इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह ने टीम अनूप राय, अभिमीत तिवारी, यशवंत सिंह, संतोष सिंह, उमेश सिंह, धनंजय सिंह, महेंद्र, आशुतोष, राजीव, दुर्गेश, करुणा और विनय के साथ वहां पहुंचे। वहां बैठे दोनों बदमाशों को हाथ ऊपर कर आने को कहा गया तो दोनों ने फायर झोंक दिया। इसपर एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की और उन्हें दबोच लिया। उनके पास से 9 एमएम, 32 बोर की पिस्टल, पांच कारतूस और चार मोबाइल फोन बरामद किया गया है। इनमें से एक फोन का इस्तेमाल सिर्फ रंगदारी मांगने के लिए होता था।
हत्या, गोली चलवाने की बात स्वीकारी
एसटीएफ के मुताबिक राकेश ने 2011 में मसौलिया सीतामढ़ी के मुखिया मनोज गुप्ता की गोली मारकर हत्या की थी। इसके लिए उसने एक लाख की सुपारी ली थी। डॉ. पीपी लोहिया, नाथ मेडिकल स्टोर के मालिक और मुलाठीपुर में पवन मुखिया पर भी गोली चलवाने की बात राकेश ने स्वीकार की है। एसटीएफ को उसने बताया है कि रंगदारी न देने पर सोनू की मदद से वह गोली चलवाता था। सोनू ही रंगदारी का पैसा वसूलकर उस तक पहुंचाता था। दोनोें बदमाशों के खिलाफ खोराबार थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
पहली बार लूट के आरोप में गया था जेल
कुख्यात बदमाश राकेश यादव वर्ष 2014 में पहली बार लूट के आरोप में जेल गया था। जेल में ही उसकी मुलाकात गौतम चौधरी और प्रेम यादव से हुई। इसके बाद वह रंगदारी वसूलने में जुट गया। इन बदमाशों से सीतामढ़ी और सहरसा के व्यापारी भय खाते हैं। इसी के चलते सीतामढ़ी में 250 सिपाहियों की तैनाती की गई है।
बिहार पुलिस को सूचना दी गई
बदमाशों की गिरफ्तारी की सूचना बिहार पुलिस को दे दी गई है। आपराधिक रिकार्ड के साथ पुलिस जल्द ही खोराबार थाने पहुंचेगी और बदमाशें को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।