गोरखपुर। गोंडा के छपिया थाने में तैनात दरोगा कमलेश सिंह की बुधवार को लखनऊ के अस्पताल में मौत हो गई। 19 सितंबर को थाना परिसर में ही पिस्टल साफ करने के दौरान चली गोली उनके सीने में लग गई थी।
कुशीनगर, कप्तानगंज इलाके के सुमटा गांव निवासी कमलेश सिंह (56) ने गोरखपुर में गुलरिहा क्षेत्र के सेमरा नंबर एक में घर बनवाया है। वह पत्नी व बच्चों के साथ यहीं रहते थे। एक साल पहले महराजगंज से उनका तबादला गोंडा हो गया था। 19 सितंबर की शाम थाना परिसर में वह अपनी सर्विस पिस्टल साफ कर रहे थे। इसी दौरान चली गोली उनके सीने में लग गई थी। लखनऊ के एक अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। बुधवार को दिन में 3:30 बजे के करीब उनकी मौत हो गई।
कमलेश सिंह चार भाइयों में सबसे बड़े थे। तीनों छोटे भाई खेतीबारी करते हैं। उन्हें चार बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी ऊषा निजी विद्यालय में शिक्षक हैं। दूसरी बेटी करिश्मा सिंह बैंक में, तीसरी बेटी काजल सिंह लेखपाल तथा चौथी बेटी कृति सिंह सरकारी विद्यालय में शिक्षक हैं। छोटा बेटा रामसिंह प्राइवेट कंपनी में काम करता है।