गोरखपुर। रुपयों की खातिर रिश्तों को कलंकित कर चचेरे मामा ने किशोर भांजी को एक अधेड़ के हाथों 1.50 लाख रुपये में बेच दिया था। हरियाणा में छह महीने तक बंधक बनाकर किशोरी के साथ अधेड़ शारीरिक शोषण करता रहा और गर्भ ठहरने पर उसे हिसार रेलवे स्टेशन पर लाकर छोड़ गया।
किसी तरह से बचकर आई किशोरी ने घरवालों से आपबीती सुनाई जिसके बाद परिजनों ने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) के प्रभारी ने कैंट थाने में चचेरे मामा और हरियाणा निवासी राजेंद्र पूनिया के खिलाफ मानव तस्करी, अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। एफआईआर के मुताबिक कुशीनगर जिले की रहने वाली 15 वर्षीय किशोरी की गोरखपुर जिले के एक गांव में ननिहाल है। उसके पिता रिक्शा चलाकर परिवार की जीविका चलाते हैं। 22 मई 2018 को किशोरी ननिहाल आई थी।
आरोप है कि मामा उसे घुमाने के बहाने लेकर हरियाणा चला गया और एक सप्ताह बाद हिसार के सूदपारा निवासी 55 वर्षीय राजेंद्र पूनिया के हाथों 1.50 लाख रुपये में बेचकर चला आया। राजेंद्र ने छह माह तक किशोरी का शारीरिक शोषण किया। गर्भ ठहरने पर हिसार स्टेशन पर छोड़कर चला गया। घर पहुंचने पर किशोरी ने परिवार के लोगों को घटना की जानकारी दी। मां-बाप, उलाहना देने राजाराम के घर गए तो उसने भगा दिया। परिवार के लोगों ने लोकलज्जा के भय से चुप्पी साध ली। 24 अप्रैल को किशोरी ने बेटे को जन्म दिया है। इसके बाद परिवार वाले शिकायत लेकर एसएसपी के पास पहुंचे थे। एएचटीयू भारी रामसुमेर त्रिपाठी ने बताया कि आरोपियों की तलाश चल रही है। मामा भी फरार है। किशोरी को खरीदने वाले की तलाश में एक टीम को हरियाणा भेजा गया है।