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शहर में हो रहा था नकली हाथ की घड़ियों का कारोबार

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नामी ब्रांड के नाम से नकली घड़ियां बेचने में दो गिरफ्तार
दोनों दुकानदार ग्राहकों से करते थे ठगी, पुलिस ने दोनों दुकानों से 457 घड़ियां बरामद कीं
कंपनी की ओर से कराई गई जांच में मामला सही मिलने पर पुलिस ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर में ब्रांडेड कंपनी का रैपर लगाकर नकली घड़ी बेचने के मामले में पुलिस ने दो दुकानदारों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी दुकानों से पुलिस ने 457 घड़ियां भी बरामद की हैं। जिस कंपनी का रैपर लगाकर नकली घड़िया बेची जा रही थीं, उसे इसकी शिकायत मिली थी। कंपनी की ओर से ही पुलिस को सूचना दी गई थी। जांच में साबित हुआ है कि नकली घड़ी बेचकर ग्राहकों से ठगी की जा रही थी। दोनों दुकानदारों पर पुलिस ने कॉपी राइट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस की जांच अभी जारी है।
सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि फास्टट्रैक कंपनी की ओर से नकली घड़ी बेचे जाने की शिकायत मिली थी। जांच अधिकारियों की सूचना पर क्राइम ब्रांच की स्वाट टीम के इंस्पेक्टर रामसुमेर त्रिपाठी और उनकी टीम ने बुधवार की शाम रेती रोड स्थित इंडिया टाइम्स और तुर्क मानपुर स्थित ताज मार्केटिंग नाम की दुकान पर छापा मारा। क्राइम ब्रांच ने रेती रोड स्थित दुकान से 391 और तुर्कमानपुर की दुकान से 66 घड़ियां बरामद कीं, जो असल में उस ब्रांड की नहीं थीं, जिसके नाम से बेचने के लिए रखी गई थीं। इस दौरान कंपनी के दो अधिकारी अमित कुमार मल्ल और कुलदीप सिंह भी मौजूद थे, ताकि नकली घड़ी की पहचान हो सके। टीम ने इंडिया टाइम्स दुकान से वासिफ रहीम और ताज मार्केटिंग नाम की दुकान से फरीद अहमद को गिरफ्तार कर लिया।
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घड़ियों से कमाते थे दुगुना लाभ
पुलिस की पूछताछ में दुकानदारों ने बताया कि वे एक घड़ी को 50 से 55 रुपये में थोक में खरीदते थे और महंगे दामों पर बेचते थे। इससे कंपनी के साख पर भी धक्का लग रहा था। कई लोगों ने जब कंपनी में इसकी शिकायत की तो मामला पकड़ में आया।
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