मोहद्दीपुर में एसबीआई की शाखा के सामने हमीरपुर डिपो की बस की चपेट में आने से स्कूटी सवार भाई-बहन की मौत हो गई। वहीं ढाई साल का बच्चा घायल हो गया। हादसे के बाद गुस्साएं लोगों ने बस का शीशा तोड़ दिया और चालक की पिटाई शुरू कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने चालक को पकड़कर बस को कब्जे में ले लिया। घायल बच्चे को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
घटना शनिवार की शाम 6:30 बजे के करीब हुई। देवरिया के मूल निवासी रामाश्रय चौहान का पटना में फल का व्यापार है। सिंघड़िया में उनका मकान है, जहां पर परिवार रहता है। उनके बेटे रोहित चौहान (30) अपनी बहन पूजा चौहान (28) और ढाई साल के भांजे को लेकर इलाज के लिए शहर की ओर आए थे। डॉक्टर को दिखाने के बाद तीनों स्कूटी से घर लौट रहे थे। रोहित ही स्कूटी चला रहे थे। अभी वह मोहद्दीपुर पहुंचे थे कि हमीरपुर डिपो की बस सामने आ गई। ओवरटेक करने के चक्कर में बगल से टक्कर लग जाने से स्कूटी गिर गई। भाई-बहन बस के पिछली पहिया के नीचे आ गए। घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। दोनों हेलमेट नहीं लगाए थे। झटका लगने की वजह से भांजा थोड़ी दूरी पर छिटक गया था, जिससे उसकी जान बच गई। घटना के बाद राहगीरों ने बस रोक दी और फिर चालक की पिटाई शुरू कर दी। राहगीर की सूचना पर आई पुलिस ने चालक को भीड़ से मुक्त कराया। चालक की पहचान महोबा के चनौली निवासी श्याम बहादुर के रूप में हुई है। श्याम बहादुर ने बताया कि वह हमीरपुर डिपो की बस लेकर पड़रौना से कानपुर के लिए निकला था। साइड से ठोकर लगने की वजह से हादसा हुआ है।
दूसरे बस से भेजे गए यात्री
बस में करीब तीस यात्री सवार थे। हादसे के बाद सभी नीचे उतर गए थे। सभी को पुलिस ने दूसरी बसों की मदद से गंतव्य को भेजा है। वहीं कई ऐसे भी थे जो खुद ही दूसरे वाहनों से निकल लिए थे।
करीब आधे घंटे तक लगा रहा जाम
हादसे की वजह से दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई थी। पुलिस ने बस को किनारे कराया। करीब आधे घंटे बाद आवागमन शुरू कराया जा सका। उसके बाद लोग अपने गंतव्य को गए।
मां के आंचल से लिपटने को बिलखता रहा मासूम
- राहगीर ने गोद में उठाया पर मां की ओर ही जाने को रोता रहा
- घर में दो औलाद की मौत से सदमे में परिवार
गोरखपुर। मौत क्या है उसे नहीं मालूम। सामने मां की लाश थी और वह दर्द से कराह रहा था। चोट लगी थी और मां की ओर जाना चाहता था। मगर चोट की वजह से वह ठीक से चल भी नहीं पा रहा था। एक राहगीर की नजर पड़ी तो गोद में उठा लिया। वह मासूम को चुप कराना चाहता है लेकिन वह गोद में मां की ओर जाने का इशारा करता। जिसने भी यह देख रो पड़ा। दर्द में सभी थे। दुआ सिर्फ एक थी कि इनके घरवाले आ जाए। करीब पंद्रह मिनट बाद पुलिस आई तो बच्चे को मलहम पट्टी के लिए ले गए। थोड़ी देर बाद जब वह घरवालों की गोद में गया तो चुप हुआ। मगर उसकी मासूम बेताब आंखें मां को ही खोज रही थी।
घर में दो औलाद की मौत से पूरा परिवार ही सदमे में आ गया। घर से बहन को साथ लेकर निकले बेटे की मौत के खबर ने घरवालों को झकझोर दिया। पहले उन्हें पता चला कि बेटी घायल है। लेकिन थोड़ी ही देर बाद जब यह पता चला कि उसकी भी मौत हो गई। इसके पूरा परिवार ही जैसे टूट गया। घर में दहाड़े मारकर रोने की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी एकत्र हो गए और फिर सभी घटनास्थल पर पहुंचे। सभी कुदरत के इस खौफनाक फैसले पर आंसू बहाते रहे। पिता थोड़ी देर के लिए कुछ समझ ही नहीं पा रहे थे। सड़क पर ही वह बेसुध गिर पड़े थे।
पूजा के ससुराल में भी कोहराम
पूजा के मौत की खबर उसके ससुराल पहुंचते ही वहां पर भी चीख पुकार मच गया। एक रिश्तेदार ने बताया कि फोन पर पूजा के घरवालों को घटना की जानकारी दी गई है। वह भी यहां आने के लिए रवाना हो गए है।
कुछ दिन पहले ही मां के पास आई थी पूजा
पूजा कुछ दिनों पहले ही मां के पास आई थी। पति उसे छोड़कर चले गए थे। इन दिनों बेटे को थोड़ी दिक्कत थी जिसे दिखाने के लिए ही वह भाई के साथ घर से निकली थी। उसे क्या पता था कि यह सफर उसका आखिरी होगा।
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