बिहार से आए छात्र को अगवा करने और रिहाई के बदले 2.80 लाख रुपये मांगने के आरोपी दो ट्रेनी दरोगा और एक छात्र को क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने छात्र को मुक्त कराके घर वालों को सुपुर्द कर दिया, जबकि तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया। गिरफ्त में आए दो ट्रेनी दरोगाओं में एक फैजाबाद और दूसरा बलिया का रहने वाला है। दोनों दरोगा उरुवा थाने में तैनात थे।
गोपालगंज (बिहार) के फुलवरिया विशंभरपुर के शौकत अली का बेटा एहसान आलम (16) वहीं के एसएमपी इंटर कॉलेज में कक्षा 12 का छात्र है। सदर अस्पताल के पास किराए के मकान में रहकर पढ़ाई करने वाला एहसान रविवार को उरुवा के पहाड़पुर निवासी अपने रूम पार्टनर अफजल खान के साथ बाइक से गोरखपुर के लिए चला। अफजल ने गोरखपुर पहुंचने के बाद दोपहर में एहसान के चाचा मकसूद आलम को फोन कर बताया कि पुलिस ने हमें पकड़ लिया है। दरोगा का कहना है कि जिस बाइक से हम आए हैं उससे लूट हुई है। बाइक भी चोरी की है। हमने उन्हें 80 हजार रुपये दिए तो उन्होंने छोड़ा पर एहसान दरोगा के ही कब्जे में है। वे उसकी रिहाई के बदले 2.80 लाख रुपये मांग रहे हैं। रुपये न देने पर जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में मकसूद ने एसपी नार्थ से मदद मांगी। इसके बाद हरकत में आई क्राइम ब्रांच की टीम ने फिरौती की रकम देने के बहाने एहसान के रूम पार्टनर अफजल को बुलाकर रेलवे स्टेशन स्थित मालकिन होटल की गली से दबोच लिया।
पूछताछ में अफजल ने उरुवा थाने में तैनात दो ट्रेनी दरोगा बलिया के दुघैला कला निवासी अभिजीत कुमार और फैजाबाद के सदर मोहल्ला शांतिपुरम निवासी रघुनंदन त्रिपाठी के शामिल होने की भी जानकारी दी। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने उरुवा थाने में तैनात दोनों ट्रेनी दरोगाओं को रविवार की देर रात करीब तीन बजे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को तीनों आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में अपहरण और फिरौती मांगने का केस दर्ज करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।
लुटेरा साबित कर कॅरियर खराब करने की दे रहे थ्ाे धमकी
‘चाचा! ये लोग हमें बहुत मार रहे हैं...कार में बैठाकर शहर में घुमा रहे हैं और रकम न मिलने पर लुटेरा साबित कर कॅरियर खराब करने की धमकी दे रहे हैं।’ मोबाइल फोन पर एहसान अपने चाचा से इतना ही कह पाया था कि दोनों ट्रेनी दरोगा ने उससे हैंडसेट छीन लिया। भतीजे के मुंह से आपबीती सुनते ही चाचा मकसूद आलम के पैराें तले जमीन खिसक गई और वह फौरन उसे छुड़वाने निकल पड़े। कैंट थाने पर आए एहसान के चाचा मकसूद ने बताया कि फिरौती की रकम के लिए हमें रेलवे स्टेशन बुलाया गया, जहां शाम चार बजे पहले से ही कार में मौजूद पुलिस की वर्दी में दो युवकों ने खुद को दरोगा बताया। उनकी गाड़ी में मेरा भतीजा मौजूद था। एक दरोगा ने कहा कि तुम्हारे भतीजे ने लूट की है। बेहतर है कि तुम लूट की रकम 2.80 लाख रुपये लौटा दो। इसके बाद मैंने उन्हें अपने पास 30 हजार रुपये होने की बात बताकर देने के लिए कहा, लेकिन दरोगा नहीं माने। भतीजा गाड़ी में रो रहा था। करीब डेढ़ घंटे तक मुझे गाड़ी में बैठाकर घुमाया और पुलिस लाइंस भी ले गए। फिर सुनसान जगह पर हमें छोड़ दिया।
जाल बिछाकर क्राइम ब्रांच ने पकड़ा
छात्र के चाचा ने रविवार की रात एसएसपी का चार्ज लिए एसपी नार्थ गणेश शाहा के सामने ही मोबाइल फोन से बात कर रकम मांगने की बात सुनाई। उसके बाद क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाया। छात्र के चाचा को 30 हजार रुपये के साथ अपहरणकर्ताओं के पास भेजा गया और पुलिस दूर से निगरानी में लग गई। चाचा को गाड़ी में बैठाकर आरोपियों ने रेलवे स्टेशन के गेट एक, दो और चार पर काफी देर तक घुमाया। बिना वर्दी में होने के चलते ट्रेनी दरोगा को मकसूद पहचान नहीं सके। बाद में उन्होंने क्राइम ब्रांच की योजना के क्रम में ही एक परिचित के पास एक लाख रुपये होने की बात कहकर थोड़ी देर में आने की बात कही। फोन करके उन्होेंने अफजल को बुलाया। कुछ देर तक इधर-उधर घुमाने के बाद जैसे ही अफजल सामने आया, क्राइम ब्रांच की टीम ने उसे दबोच लिया।
रेलवे स्टेशन के इर्दगिर्द बनाया था ठिकाना
एहसान को अगवा करने के बाद अफजल और दोनो ट्रेनी दरोगा ने रेलवे स्टेशन के इर्दगिर्द ही अपना ठिकाना बनाया। करीब 16 घंटे तक छात्र उनके कब्जे में रहा। रेलवे स्टेशन से पुलिस लाइंस और सर्किट हाउस रोड पर उन्होेंने काफी वक्त गुजारा। पुलिस के शिकंजे में अफजल के आते ही दोनो ट्रेनी दरोगा रात में अगवा किए गए छात्र एहसान को साथ लेकर उरुवा पहुंच गए।
अभिजीत की है कार
अपहरण कर छात्र को जिस कार (क्विड) में घुमाया गया, वह ट्रेनी दरोगा अभिजीत कुमार की बताई जा रही है। बलिया के निवासी अभिजीत को मृतक आश्रित कोटे में नौकरी मिली है।
अफजल ने सप्ताह भर पहले रची थी साजिश
अफजल करीब छह महीने पहले एहसान के संपर्क में आया था। इसके बाद रूम पार्टनर बनकर उसके साथ पढ़ाई करने लगा। सेफ्टी मैनेजमेंट की तैयारी कर रहा अफजल कुछ ही दिनों में एहसान का करीबी बन गया। सप्ताह भर पहले अफजल ने दोनो ट्रेनी दरोगा को एहसान के पास चोरी की गाड़ी होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद उसे अगवा कर लूट में फर्जी फंसाकर फिरौती मांगने की योजना बनी। इनके अलावा इनके साथ रूम में एक नर्सिंग होम में काम करने वाला सरफराज भी था। घटना के बाद से सरफराज फरार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक अफजल ने कुछ दिन पहले ही दोनो ट्रेनी दरोगा से संपर्क साधकर उरुवा थाने में एक बदमाश को तमंचे के साथ पकड़वाया था। इसके बाद से वह लगातार दोनों ट्रेनी दरोगा के संपर्क में था।
वर्दी उतरते ही फफक पड़े ट्रेनी दरोगा
छात्र को अगवा कर फिरौती मांगने के मामले में आरोपी बने दोनों ट्रेनी दरोगा को उरुवा थाने से गिरफ्तार कर रविवार की देर रात ही कैंट थाने लाया गया। रात भर दोनों वर्दी में ही थे। दोपहर जब थाने में वर्दी उतारी गई तो दोनों ट्रेनी दरोगा फफक पड़े।