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ट्रेस हुई डॉ. कफील और अन्य आरोपियों की लोकेशन

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गोरखपुर।
मेडिकल प्रकरण में नामजद आरोपियों में से फरार चल रहे कई आरोपियों की लोकेशन पुलिस के हाथ लग गई है। जल्द ही इनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
पुलिस ने फरार आरोपियों की लोकेशन के लिए एक दर्जन से ज्यादा मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया था जिसकी मदद से कई के ठिकानों का पता चला है। गोरखपुर पुलिस के अलावा गोरखपुर एसटीएफ यूनिट भी लोकेशन की तलाश में लगी हुई है। एसटीएफ आरोपियों के संगे संबंधियों के लोकेशन पर भी निगाहें बनाई हुई है। एसएसपी ने कहा कि आरोपियों से विवेचना में सहयोग मांगा गया था लेकिन वह नहीं आए। अब वारंट मिल गया है। पुलिस टीम लगी है जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

डॉ. कफील के घर छह बार जा चुकी है पुलिस
100 बेड वार्ड के अधीक्षक रहे डॉ. कफील खान के घर केस दर्ज होने के बाद से पुलिस छह बार दबिश दे चुकी है। पुलिस ने उनकी पत्नी से बातचीत कर विवेचना में सहयोग की भी अपील की। लेकिन शहर छोड़कर भागे डॉ. कफील सामने नहीं आए। सोशल मीडिया के जरिए ही वह अपने को बेगुनाह बताते रहे हैं।
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तीन बार फर्मासिस्ट के घर भी पहुंची पुलिस
फार्मासिस्ट गजानन जायसवाल से पूछताछ करने के लिए तीन बार उनके घर पर पुलिस फोर्स पहुंच चुकी है। लेकिन वह भी शहर छोड़कर भागे हुए हैं। उनके घर पर कुछ रिश्तेदार मिले थे जिनके माध्यम से पुलिस हाजिर होने का दबाव भी बनाया।

डॉ. सतीश के घर सिर्फ एक बार ही गई पुलिस
बच्चों की मौत के मामले में आरोपी बनाए गए एनेस्थीसिया के हेड डॉ. सतीश कुमार के घर पुलिस सिर्फ एक बार ही गई थी। वह घर पर तो नहीं मिले लेकिन मोबाइल पर उनसे संपर्क हो गया था। सूत्रों के अनुसार उन्होंने पुलिस के पूछे गए सवालों का जवाब भी दिया था लेकिन मुख्य आरोपी के गिरफ्तारी के बाद उन्होंने भी शहर छोड़ दिया है। कानून के जानकार मानते है कि यदि वह पूरी तरह से सहयोग करें तो पुलिस गवाह भी बना सकती है।

मनीष भंडारी की तलाश में लखनऊ एसटीएफ
पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी की तलाश में लखनऊ एसटीएफ को लगाया गया है। गोरखपुर पुलिस अभी अन्य आरोपियों की ही तलाश में लगी है। मनीष का लोकेशन जानने को अभी गोरखपुर पुलिस ने कोशिश नहीं की है।

कर्मचारी भी है फरार
लिपिक सुधीर, उदय और संजय के बयान दर्ज करने के लिए भी पुलिस ने उनके घर दबिश दी थी। मगर सभी शहर छोड़कर फरार हैं। बताया जा रहा है कि घर पर छानबीन के दौरान पुलिस के हाथ एक ऐसी तस्वीर लगी है जिसमें कनिष्ठ लिपिक उदय शर्मा के घर पर बर्थ डे पार्टी में निलंबित प्रिंसिपल व उनकी पत्नी भी मौजूद हैं।

17 कर्मचारियों के शपथ पत्र बढ़ाएंगे मुश्किलें
विवेचना कर रही पुलिस को मेडिकल कॉलेज के 17 कर्मचारियों ने शपथ पत्र दिया है। जिसमें कमीशनखोरी व मैडम की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई है। इसके अलावा परिसर में ठेला व दुकान लगाने वालों ने भी डॉ. पूर्णिमा के खिलाफ बयान दिया है। इन सभी चीजों को पुलिस सबूत बनाएगी।

पुलिस को की रकम की पेशकश
पुलिस सूत्रों की माने तो डॉ. कफील ने बचने के लिए पुलिस से रहम की भी अपील की थी। कुछ प्रभावी लोगों ने उसकी पैरवी भी की थी। लेकिन एसएसपी के सख्त तेवर के चलते उन तक किसी ने पहुंचने की हिम्मत नहीं की। बताया जाता है कि एक करोड़ तक खर्च करने को डॉ. कफील तैयार हो गए थे।
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आरोपियों को आमने-सामने कर सकती है पुलिस
पुलिस की योजना है कि सभी आरोपियों के पकड़े जाने और साक्ष्य जुटाने के बाद उन्हें आमने-सामने किया जा सकता है। पुलिस का मानना है कि सामने आने के बाद झूठ और सच का पता लगाना आसान हो जाएगा।
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