कुईं बाजार (गोरखपुर)। उरूवा के असिलाभार गांव में भूमि के विवाद में संजय चंद (45) की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि चचेरे भाई अजय चंद ने ही गोली मारी। पुलिस ने संजय की पत्नी किरन की तहरीर पर अजय चंद, उसकी पत्नी और बेटे रमेश चंद के खिलाफ केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। गांव में एहतियातन के तौर पर पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
घटना बृहस्पतिवार की सुबह 7:30 बजे के करीब हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक संजय चंद और अजय चंद एक ही मकान में अलग-अलग रहते थे। अजय चंद ने घर के पास ही 11 डिस्मिल भूमि खरीदी थी। संजय उसी भूमि में हिस्सा मांग रहे थे। मामला कोर्ट में भी पहुंचा था। इसी विवाद से दोनों भाइयों के बीच तनातनी थी। बृहस्पतिवार की सुबह संजय बरामदे में बैठे थे। वहीं, चचेरे भाई अजय की कुर्सी भी पड़ी थी। कुछ विवाद हुआ। इससे नाराज संजय ने अजय की कुर्सी फेंक दी। इसी बात पर दोनों में विवाद हो गया। आरोप है कि मामले से नाराज अजय चंद ने बंदूक निकाल ली और संजय को गालियां देने लगा। संजय मोबाइल से इसका वीडियो बनाने जा रहे थे। यह देखकर भड़के अजय ने गोली चला दी। गोली लगने से संजय गिर पड़े। घरवाले बाहर आए और उनको अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे, लेकिन उसके पहले ही उनकी मौत हो गई। घटना के बाद अजय पत्नी और बच्चों के साथ फरार हो गया।
भूमि के चंद टुकड़े के लिए रिश्ते का कत्ल
गोरखपुर। भूमि के चंद टुकड़े के चलते रिश्ते के कत्ल की एक और बानगी उरूवा के असिलाभार गांव में देखने को मिली। दोनों चचेरे भाइयों में भूमि के लिए विवाद तो काफी दिनों से था, लेकिन उसके चलते हत्या हो जाएगी, उसका किसी को अंदाजा नहीं था। गांव के लोग इस घटना से हतप्रभ हैं।
गांव में गोली चलने की सूचना पर चार थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को आशंका थी कि कहीं दूसरा पक्ष भी पलटवार न कर दे, या फिर गांव में तनाव की स्थिति न पैदा हो जाए। इसी के मद्देनजर गांव में पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया गया है। संजय चंद के पिता जयप्रकाश चंद छोटे बेटे धनंजय चंद के घर दिल्ली गए थे। बृहस्पतिवार को लौटे तो घर पर पुलिस देखकर उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। बेटे की मौत खबर पाकर वह बदहवास हो गए।
तीन बच्चों के पिता थे संजय
संजय चंद तीन बच्चों के पिता थे। उनकी मौत से घर में कोहराम मच गया। उनकी संतान शुभम चंद (21), श्वेता चंद (19) और सोनल चंद (16) का रो-रोकर बुरा हाल था। पत्नी किरन बेहोश हो गईं। गांव के लोग परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाने की कोशिश कर रहे थे।