गोरखपुर।
पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर सिंह के रिश्तेदार और सीएम योगी आदित्यनाथ के करीबी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. शिव शंकर शाही से जेल में बंद शातिर लुटेरे संजय यादव ने रंगदारी मांगी थी। मोबाइल टॉवर की लोकेशन और वायस रिकॉर्ड से इसकी तस्दीक हुई है। मंगलवार को दो बार पुलिस टीम ने जेल पहुंचकर पड़ताल की है। एसएसपी आरपी पांडेय ने भी जेल में इस बाबत संजय से पूछताछ की। पुलिस ने रंगदारी वसूलने वाले एक संदिग्ध को भी गोला से हिरासत में लिया है। उधर, डॉ. शिव शंकर शाही की तहरीर पर कैंट पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रंगदारी मांगने का केस दर्ज कर लिया है।
डॉ. शिव शंकर शाही के पास तीन दिन लगातार फोन आए थे। फोन करने वाले ने खुद को जेल में बंद एक अपराधी बताते हुए 20 लाख रुपये रंगदारी मांगी थी। इससे पहले गोला के एक स्वर्ण व्यापारी और बेलीपार के कपड़ा व्यापारी के मोबाइल फोन पर भी रंगदारी के लिए फोन आया था। पहले तो पुलिस इसे शरारती तत्व की हरकत मान रही थी, लेकिन डॉक्टर के पास फोन आने के बाद जब शासन स्तर से सख्ती हुई तब पुलिस ने जांच पड़ताल तेज की। पुलिस की जांच में सामने आया है कि फोन करने वाला कोई और नहीं बल्कि जिले का शातिर लुटेरा संजय यादव है। वह पिछले कुछ महीनों से इसी काम में लगा है और एक डॉक्टर से रंगदारी वसूल भी चुका है।
इधर, मंगलवार की देर शाम एसएसपी आरपी पांडेय ने जेल पहुंचकर संजय व कुछ अन्य अपराधियों से पूछताछ की। एसएसपी पूरी रिपोर्ट तैयार कर संजय यादव को पश्चिम के किसी जनपद के जेल में भेजने की कवायद कर रहे हैं। एसएसपी का कहना है कि संजय गोला इलाके का रहने वाला है। यहां उसके कई संपर्क सूत्र हैं जिनके जरिये वह वसूली कर रहा है।
जेल में बंद एक अपराधी ने रंगदारी मांगी है। पुलिस जांच कर रही है। मोबाइल लोकेशन और वायस रिकॉर्ड से जेल से रंगदारी मांगने की बात साफ हो चुकी है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा हो जाएगा। रंगदारी वसूलने वालों की भी तलाश की जा रही है। जल्द उनकी भी गिरफ्तारी होगी।
- आरपी पांडेय, एसएसपी