मथौली बाजार। कप्तानगंज थाना क्षेत्र के पचार गांव में मां-बेटी समेत तीन की हत्या सिर में चोट पहुंचा कर की गई थी। शव पांच दिन पुरानी थी,जिसकी वजह से पेट में कीडे पड़ गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह तथ्य उजागर हुआ। इधर हत्यारोपी देवर दरोगा को पुलिस अभी तक पकड़ नहीं पाई है।
पचार के स्वर्गीय वीरबहादुर की पत्नी रंभा (40), बेटा रामचंदर साहनी (12) और सास खेदना (60) की घर में ही हत्या कर बाहर से ताला बंद कर दिया गया था। घटना के चार-पांच दिन बाद घर के अंदर से दुर्गंध आने के बाद शुक्रवार को पुलिस ने गांववालों की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा तो तीनों का शव एक ही तख्त पर पड़ा मिला था।
घटना की जानकारी होने पर आईजी जयनारायण सिंह, डीएम डॉ. अनिल कुमार सिंह, एसपी राजीव नारायण मिश्र, एसपी नार्थ गौरव वंशवाल, सीओ कसया रामदास प्रसाद, एसओ कप्तानगंज राहुल सिंह, हाटा कमलेश वर्मा सहित अन्य पुलिस अधिकारी और डॉग स्क्वॉड ने जांच की थी।
रंभा के भतीजे रामनाथ साहनी ने रात में कप्तानगंज पुलिस को तहरीर देकर अपनी बुआ के देवर दरोगा पर तीनों की हत्या करने का आरोप लगाया था, जिसके आधार पर पुलिस ने दरोगा के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। हालांकि पुलिस हत्यारोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
एसओ राहुल सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को महिला रंभा के मायके वालों को सौंप दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सिर में चोट पहुंचाने से मौत होना आया है। शव पांच दिन पुराना होने से कीडे़ पड़ गए थे। हत्यारोपी देवर दरोगा की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
क्षेत्रीय विधायक रामानंद बौद्ध, हियुवा के जिलाध्यक्ष संजय सिंह मुन्ना और भाजपा नेता रामप्रताप सिंह ने शनिवार को घटनास्थल पर पहुंचकर लोगों से घटना के बारे में जानकारी हासिल की। साथ ही इस घटना पर दु:ख जताया। ज्यादातर समय तक मृतकों के घर पर सन्नाटा ही छाया रहा। पचार और खभराभार गांव के लोग पोस्टमार्टम से शवों के पहुंचने का इंतजार कर रहे थे। शवों के अंतिम संस्कार के लिए छोटी गंडक के समरा घाट पर तैयारी की जा रही थी।