पुलिस ने शनिवार को स्वर्णकारों की दुकानों पर छापा मारा था।
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घंटाघर में फर्जी हॉलमार्क का इस्तेमाल कर गहने बेचे जाने के मामले में पुलिस ने स्वर्ण व्यापारी और कर्मचारियों समेत सात लोगों पर केस दर्ज कर लिया। पुलिस को पूछताछ में कई और लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है, जो इस धंधे से जुड़े हैं। पुलिस को शक है कि इसके पीछे बड़ा रैकेट है।
गहनों पर फर्जी हॉलमार्क का इस्तेमाल कर ग्राहकों को बेचे जाने की सूचना पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के आदेश पर पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई की थी। सीओ कोतवाली तारकेश्वर पांडेय ने टीम के साथ छह दुकानों पर छापेमारी की थी। चार दुकानों पर पुलिस को फर्जी हॉलमार्क के उपकरण, गहने मिले थे। इन दुकानों के मालिकों व इस काम में लिप्त कर्मचारियाें को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
सीओ कोतवाली ने बताया कि बिना लाइसेंस के गहनों पर हॉलमार्क का निशान लगाकर ये लोग उनकी बिक्री कर रहे थे। ये लोग गैरकानूनी तरीके से सोने की शुद्धता प्रतिशत को बढ़ाने की भी कोशिश करते थे। बलिराम जायसवाल, हरिओम वर्मा, कृष्ण चंद जायसवाल, गंगाराम वर्मा, राहुल वर्मा, विनोद कुमार, संजय जायसवाल के खिलाफ छल करने, धोखाधड़ी, बेईमानी, कूटरचना के लिए उपकरण इस्तेमाल, गलत चिह्न का इस्तेमाल कर मुद्रा कमाने, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने के आरोपों में इन पर केस दर्ज किया गया है।