व्यापार में घाटे से परेशान होकर खुद को गोली मारने वाले व्यापारी अवधेश रुंगटा (40) की शुक्रवार सुबह लखनऊ के सहारा अस्पताल में मौत हो गई। पिछले एक सप्ताह से उनका उपचार चल रहा था। लखनऊ में ही पोस्टमार्टम के बाद अयोध्या में उनका अंतिम संस्कार परिवार वालों ने कर दिया। उनकी मौत के साथ ही आत्महत्या की असल वजह भी दफन हो गई।
मूलरूप से कुशीनगर के पड़रौना निवासी अवधेश रुंगटा ने शहर के अंबेश्वरी पैलेस स्थित अपने मकान में 28 अक्टूबर को खुद को गोली मारी थी। लाइसेंसी पिस्टल से गोली लगने के बाद घरवालों ने शहर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टर ने लखनऊ रेफर कर दिया था। लखनऊ के सहारा अस्पताल में ऑपरेशन किया था लेकिन उनको होश नहीं आया था। शुक्रवार की सुबह उनकी मौत हो गई। मृतक अवधेश शहर में पत्नी प्रियंका और तीन साल के बेटे के साथ रहते थे।
घटना वाले दिन सामने आया था कि पारिवारिक साझेदारी में गीडा में उनकी पाइप की फैक्ट्री थी। बाद में वे अपना शेयर लेकर निकल गए थे। सेंट एंड्रयूज कॉलेज रोड पर उनकी इलेक्ट्रानिक्स की दुकान थी, जो बंद हो गई थी। अवधेश के पिता सुरेश चंद रुंगटा पड़रौना के बड़े व्यापारी हैं और छोटे बेटे के साथ रहते थे। घटना से एक दिन पहले वह पत्नी के साथ डॉक्टरों को दिखाने के लिए आए थे और घटना वाले दिन वह जांच कराने गए थे। पुलिस को भी घरवालों ने सूचना नहीं दी थी। सोसाइटी के ओर से जानकारी मिलने पर पुलिस गई थी।