गोरखपुर। बागपत जेल में मारे गए माफिया डान मुन्ना बजरंगी के शूटर रमेश सिंह उर्फ काका समेत दो बंदियों को रविवार को गोरखपुर जेल से नैनी जेल भेज दिया गया। दोनों को कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस वैन से नैनी, इलाहाबाद भेजा गया।
गोरखपुर जेल में बंद रमेश सिंह समेत नौ बंदियों के दूसरी जेल भेजे जाने का शासन का आदेश 12 जुलाई को आया था। इसके बाद एसपी जेल ने एसएसपी शलभ माथुर को पत्र लिखकर फोर्स और वैन मांगी थी। रविवार की शाम को रमेश सिंह और शैलेश यादव को कड़ी सुरक्षा के बीच रवाना किया गया। रमेश सिंह मऊ के सरायलखंसी के कैथवली का रहने वाला है। उसे आजमगढ़ जेल से 20 नवंबर 2017 को गोरखपुर जेल भेजा गया था। उसपर लूट, हत्या, डकैती के लगभग साठ केस दर्ज हैं। 17 नवंबर 2015 को उसने आजमगढ़ जेल में पूर्व मंत्री अंगद यादव से विवाद कर लिया था। काका अगस्त 2015 में हुए जेलर दीपसागर और एक डिप्टी जेलर की हत्या का भी आरोपी है। जेलर का बेटा अनिल वर्तमान में गोरखपुर जेल में तैनात है। बजरंगी की हत्या के बाद उसकी पत्नी तथा कुदरहा ब्लॉक की प्रमुख मीना ने काका की हत्या किए जाने की आशंका जताई थी।
इनको दूसरी जेल में शिफ्ट किए जाने का है आदेश
रमेश सिंह उर्फ काका व शैलेश यादव को नैनी जेल भेजे जाने के बाद राजीव मिश्रा को आजमगढ़, रामायण यादव को बाराबंकी, सैयद कमर को फैजाबाद, बिठल उर्फ अरविंद सिंह को बलरामपुर, आशुतोष पांडेय को लखनऊ, गौरव उर्फ गामा को कौशांबी, सुभाष यादव को वाराणसी जेल भेजा जाना है। जेल सूत्रों के मुताबिक अन्य बंदियों को दो से तीन दिन में दूसरे जेलों में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
प्रशासनिक न्यायमूर्ति ने जेल का किया निरीक्षण
गोरखपुर। हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति रविवार की दोपहर गोरखपुर जेल पहुंचे और बैरकों आदि का निरीक्षण किया। उन्होंने कैदियों, बंदियों की सुविधा और पेशी आदि के बारे में भी जानकारी जुटाई।