जोन के सभी थानों में पांच बड़े अपराधियों का रिकॉर्ड तैयार कर निगरानी की जाएगी। जोन के हर थानेदार को सूची बनाकर निगरानी करनी है। आईजी मोहित अग्रवाल ने इसके लिए एक प्रोफॉर्मा भी तैयार किया है। सभी जिले के एसपी को प्रोफार्मा भेजा गया है। थाने की एक कॉपी सीओ के पास भी होगी। हर महीने आईजी खुद समीक्षा बैठक कर कार्रवाई की जानकारी लेंगे।
हत्या, लूट, डकैती की घटनाओं में शामिल पुराने अपराधी पुलिस की नजर से बचने न पाए इसके लिए आईजी यह पहल की है। दस साल में हुई गंभीर वारदात में शामिल लोगों को सूची में शामिल करना है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि हर थाने को यह सूची तैयार करनी है। सूची में वहीं बदमाश शामिल किए जाएंगे जो गंभीर अपराधों में शामिल हो। इससे हर जिले में कम से कम 100 बदमाश की सूची होगी, जिसकी निगरानी आसानी से हो सकेगी।
उन्होंने बताया कि प्रोफॉर्मा में अपराधी का नाम, दस साल में उसकी गतिविधि, मोबाइल नंबर, दर्ज केस का विवरण, जमानतदार, उनके मोबाइल नंबर, वकील का नाम व नंबर, वर्तमान में उनकी गतिविधि और निवास स्थान, उनके परिवार के सदस्यों का पूरा विवरण दर्ज करना होगा। साथ में यह भी दर्शाना होगा कि पुलिस निगरानी के लिए कितनी बार बदमाशों के घर गई।