सहजनवां (गोरखपुर)।
कर्ज में डूबे विकास (24) ने फंदे से लटककर जान दे दी। लेखपाल की नौकरी दिलाने के नाम पर उसने कर्ज पर चार लाख रुपये लेकर क्षेत्र के ही एक शख्स को दिए थे। विकास को न तो नौकरी मिली और न ही रुपये वापस मिल रहे थे। इससे परेशान विकास डिप्रेशन में चला गया था। इस बीच बृहस्पतिवार को घर में फंदे से लटकी उसकी लाश मिली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
वार्ड नंबर आठ निवासी प्रेमचंद्र गुप्ता का बेटा विकास बेरोजगार था। साल 2016 में उसने लेखपाल भर्ती के लिए एक व्यक्ति के झांसे में आकर उसे चार लाख रुपये दिए थे। ये रुपये उसने उधार लिए थे। रुपये फंसने के बाद उसने पुलिस में भी शिकायत की थी लेकिन रुपया लेने वाला फरार हो गया। इससे वह बेहद परेशान था। इधर, बृहस्पतिवार को उसके घर वाले रिश्तेदारी में चले गए थे। इसी दौरान विकास ने फांसी लगा ली। रात साढ़े आठ बजे के करीब एक सब्जी विक्रेता उसके घर के बाहर अपना सामान रखने गया तो अंदर उसे फंदे से लटकी लाश दिखाई दी। शव देखते ही वह शोर मचाने लगा। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को तलाशी के दौरान उसकी जेब से सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें मम्मी-पापा माफ कर देना ही लिखा है। पुलिस जांच कर रही है।