गोरखपुर।
रेलवे स्टेशन रोड स्थित आनंद गेस्ट हाउस के मालिक सुरेंद्र त्रिपाठी और उनके पुत्र शिशिर, शशांक सहित 17 लोगों को बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायालय के प्रभारी सीजेएम की कोर्ट ने 15 सितंबर तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसमें 10 लड़कियों के नाम भी शामिल थे लेकिन हर लड़की के माता-पिता को थाने बुलाकर पूरी जानकारी देने के बाद उन्हें निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया था।
गोरखपुर पुलिस ने आनंद और रॉयल गेस्ट हाउस पर मंगलवार को छापा मारा था, जहां से दस जोड़ों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा गया था। इसी दौरान होटल मालिक सुरेंद्र त्रिपाठी को भी गिरफ्तार किया गया। बाद में जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने कैंट थाने में तहरीर दी और 27 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। दूसरी तरफ पुलिस ने सुरेंद्र के गेस्ट हाउस से अवैध रायफल भी बरामद किया था। इस मामले में मालिक और मैनेजर के खिलाफ आर्म्स एक्ट का केस दर्ज किया गया है। कैंट इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि सभी आरोपियों को बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दलील सुनने के बाद आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा है। कोर्ट ने होटल मालिक व अन्य आरोपियों की जमानत अर्जी खारिज कर थाने से आपराधिक इतिहास का ब्योरा भी तलब किया है।
इन्हें भेजा गया जेल
रुस्तमपुर के शक्तिनगर कॉलोनी निवासी और होटल मालिक सुरेंद्र त्रिपाठी, उनके बेटे शिशिर, शशांक, राजघाट क्षेत्र के रहमतनगर निवासी मैनेजर साहिल, होटल कर्मचारी कजाकपुर निवासी संदीप श्रीवास्तव, शाहपुर के रेल विहार कालोनी निवासी सरफराज आनंद, चिलुआताल के बालापार निवासी गौरव पांडेय, शाहपुर के जंगल मातादीन निवासी गोलू गुप्ता, आजमगढ़ के फूलपुर निवासी इकबाल अहमद, झंगहा क्षेत्र के महफूज खान, देवरिया के तरकुलवा क्षेत्र के गड़रामपुर निवासी अरविंद कुमार, कोतवाली क्षेत्र के दीवान बाजार निवासी शमशाद अहमद, आजाद नगर निवासी दीपक कुमार, पीलीभीत के देवरिया पड़री निवासी प्रदीप कुमार, शाहपुर के असुरन पोखरा निवासी अब्दुल कासिम, चौरीचौरा क्षेत्र के लक्ष्मणपुर निवासी राम बचन यादव और खजनी क्षेत्र के उनवल निवासी इंद्रजीत यादव।
रायल होटल के मालिक को छोड़ा
पुलिस ने मंगलवार को रेलवे स्टेशन रोड स्थित दो होटलों में छापा मारा था। मगर रायल होटल को क्लीन चिट दे दिया गया है। कैंट इंस्पेक्टर मनोज पाठक ने बताया कि छापेमारी में रायल होटल से कुछ भी आपत्तिजनक नहीं मिला था। इसके चलते उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि चर्चा है कि यह होटल एक भाजपा विधायक के करीबी रिश्तेदार का है। इस वजह से पुलिस ने बचा लिया है।
मुंह छिपाकर पहुंचे कोर्ट
देह व्यापार में पकड़े गए होटल मालिक व अन्य आरोपी मुंह छिपाते हुए बुधवार को कोर्ट पहुंचे। सबके समर्थक और पारिवारिक सदस्य कोर्ट में ही मौजूद रहे। इस कारण मीडियाकर्मियों को आरोपियों तक नहीं पहुंचने दिया गया।
एसी बस से पहुंचे आरोपी
देह व्यापार में गिरफ्तार आरोपियों को एसी बस से कोर्ट पहुंचाया गया। इसे लेकर पुलिसिया कार्रवाई और कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।